RTI खुलासा: रजिस्ट्री कार्यालय में कर्मचारियों का रिकॉर्ड नहीं, आखिर काम कौन कर रहा है?

नरसिंहपुर: रजिस्ट्री कार्यालय में कर्मचारियों का रिकॉर्ड नहीं, RTI खुलासे के बाद जांच की मांग तेज
📍 नरसिंहपुर | 🗓️ 7 अप्रैल 2026 | विशेष रिपोर्ट
नरसिंहपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक अहम मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से मांगी गई जानकारी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
📌 RTI में क्या सामने आया
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की नामावली का कोई अभिलेख संधारित नहीं है। इसके साथ ही आउटसोर्स अथवा एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की उपलब्धता को भी निरंक बताया गया है।
वहीं, वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेख एवं बजट मद से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। केवल शासन द्वारा स्वीकृत पदों का विवरण उपलब्ध कराया गया है।
⚠️ महत्वपूर्ण जानकारी रोकी गई
इसके अतिरिक्त, वर्तमान सब-रजिस्ट्रार प्रीतम रजक से संबंधित सेवा अभिलेख, मूल पद एवं अतिरिक्त प्रभार से जुड़ी जानकारी को व्यक्तिगत जानकारी बताते हुए उपलब्ध नहीं कराया गया है।
🔎 सबसे बड़ा सवाल
ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि जब कार्यालय में कर्मचारियों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण कार्य किसके द्वारा और किस वैधानिक आधार पर किए जा रहे हैं।
⚠️ संवेदनशील विभाग पर असर
उल्लेखनीय है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति से संबंधित पंजीयन कार्य किए जाते हैं, जो आम नागरिकों के अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गोपनीय दस्तावेजों से जुड़े होते हैं।
ऐसे संवेदनशील विभाग में कर्मचारियों का रिकॉर्ड उपलब्ध न होना पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
⚖️ आगे क्या?
उक्त जानकारी से असंतुष्ट होकर इस मामले में प्रथम अपील भी प्रस्तुत की गई है, जिसमें पूर्ण एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई है।
स्थानीय स्तर पर अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठने लगी है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और जिम्मेदारी तय की जा सके।
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शर्मा का कहना है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रीतम रजक पूर्व में लिपिक पद पर कार्यरत रहे हैं और बाद में उन्हें सब-रजिस्ट्रार का प्रभार दिया गया।
उन्होंने कहा कि संबंधित कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर प्रश्न उठते रहे हैं और ऐसी स्थिति में अभिलेखों का समुचित संधारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में कई विभागों में जवाबदेही को लेकर स्पष्टता की कमी दिखाई दे रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
⚖️ कानूनी सूचना
यह समाचार सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में प्रस्तुत तथ्य संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों पर आधारित हैं। यदि संबंधित अधिकारी/पक्ष अपना स्पष्टीकरण देना चाहते हैं, तो उसे समान महत्व के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
📢 रिपोर्ट: SMP24NEWS






