मरघट भूमि पर अवैध ईंट भट्ठा, निवारी सरपंच परिवार पर उठे सवाल
श्रेष्ठ मध्यप्रदेश 24 न्यूज.कॉम
📍 नरसिंहपुर | 🗓️ 15 अप्रैल 2026 (Wednesday)
नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत मौजा नानोरी में शासकीय मरघट भूमि पर अवैध कब्जे और ईंट भट्ठा संचालन का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार खसरा नंबर 204 की यह भूमि श्मशान (मरघट) के रूप में दर्ज है, जहां किसी भी प्रकार की निजी या व्यवसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद यहां ईंट भट्ठा संचालित किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दिनेश कुमार दीक्षित द्वारा लगभग 0.080 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर ईंट भट्ठा संचालित किया जा रहा था। तहसीलदार न्यायालय ने पटवारी रिपोर्ट, स्थल निरीक्षण और स्वयं के स्वीकार के आधार पर इसे अतिक्रमण मानते हुए म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत कार्यवाही की है।
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मामले में दोष सिद्ध होने के बाद ₹500 का अर्थदंड लगाया गया है और अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े मामले में केवल प्रतीकात्मक जुर्माना पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि यदि शासकीय भूमि पर अवैध रूप से व्यवसाय किया गया है, तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस पूरे मामले को और संवेदनशील बनाता है सरपंच परिवार से जुड़ा पहलू। जानकारी के अनुसार दिनेश दीक्षित, ग्राम पंचायत निवारी की सरपंच श्रीमती रंजना दीक्षित के देवर हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
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इस ईंट भट्ठे में ईंट पकाने के लिए बड़े पैमाने पर लकड़ी और कोयले के उपयोग की बात भी सामने आई है। इस संबंध में 27 मार्च 2026 को वन विभाग को शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद 31 मार्च 2026 को सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आए।
इन दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि भट्ठा संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा था।
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प्राप्त प्रमाण पत्रों के अनुसार लगभग 75 पेड़ों को काटकर ₹15,000 में दिनेश दीक्षित को बेचा गया। यह भी बताया गया कि इन पेड़ों का उपयोग ईंट पकाने में किया गया।
यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि पेड़ों की कटाई और उपयोग के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक होती है।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।
⚖️ Disclaimer: यह समाचार दस्तावेजों, स्थानीय जानकारी एवं सूत्रों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। तथ्यों की पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा की जानी शेष है। यदि किसी संबंधित पक्ष को आपत्ति हो या वे अपना पक्ष रखना चाहें, तो वे हमसे संपर्क कर सकते हैं।
📢 रिपोर्ट: SMP24NEWS