27/01/2026

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मजदूरी से कारोबार तक: स्वसहायता समूह ने बदली भागवती कहार की जिंदगी चाय-नाश्ते की दुकान से बनी आत्मनिर्भर, हर माह 20 हजार की स्थायी आमदनी

चाय-नाश्ते की दुकान से बनी आत्मनिर्भर, हर माह 20 हजार की स्थायी आमदनी
SMP24NEWS | नरसिंहपुर

महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं आज जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं की बदौलत जिले की महिलाएं न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार को भी आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है विकासखंड सांईखेड़ा की ग्राम पंचायत जमाड़ा की श्रीमती भागवती कहार की, जिन्होंने स्वसहायता समूह से जुड़कर मजदूरी के जीवन से आत्मनिर्भरता की राह चुनी।

मजदूरी पर निर्भर था परिवार

श्रीमती भागवती कहार बताती हैं कि पहले उनका परिवार पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर था। पति भोजन बनाने का कार्य करते थे, जिससे घर का खर्च मुश्किल से चलता था। समय के साथ जरूरतें बढ़ीं, लेकिन आमदनी स्थिर रही। मजबूरी में भागवती कहार ने भी मजदूरी शुरू की, लेकिन यह न तो नियमित थी और न ही सम्मानजनक आजीविका दे पा रही थी।

स्वसहायता समूह से मिली नई दिशा

परिवार को बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से 12 दिसंबर 2015 को भागवती कहार ने वंदना स्वसहायता समूह से जुड़कर नई शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें बचत और बैंक लिंकेज की सुविधा मिली। इसके तहत उन्हें 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने एक छोटी चाय-पान की दुकान शुरू की।

छोटी शुरुआत, बड़ा हौसला

शुरुआत में उनकी दुकान से 8 से 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होने लगी। मेहनत और अनुशासन से उन्होंने समय पर ऋण चुका दिया। इसके बाद उन्हें दूसरा बैंक लिंकेज मिला और 80 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस राशि से उन्होंने दुकान का डेकोरेशन कराया, कुर्सी-टेबल की व्यवस्था की और व्यवसाय को विस्तार दिया।

अब चाय-नाश्ते से 20 हजार की आमदनी

व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने चाय-पान के साथ नाश्ते का काम भी शुरू किया। इससे ग्राहकों की संख्या बढ़ी और आज उनकी दुकान से लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह की स्थायी आमदनी हो रही है। इस कार्य में उन्हें अपने पति का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

आजीविका मिशन से बदली तकदीर

आज श्रीमती भागवती कहार स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन ने उन्हें मजदूरी से निकालकर खुद का व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया, जिससे उनके परिवार को सम्मानजनक जीवन मिला है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार

श्रीमती कहार और उनका परिवार इस बदलाव के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए आजीविका मिशन की सराहना कर रहा है।

📌 SMP24NEWS विशेष
भागवती कहार की यह कहानी साबित करती है कि सरकारी योजनाएं, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिल जाए तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है।

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