पूर्व जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुरताना सिंह चौहान के निलंबन के बाद क्या रद्द होंगे उनके द्वारा किए गए कंपाउंडरों के अटैचमेंट?
पूर्व जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुरताना सिंह चौहान के निलंबन के बाद क्या रद्द होंगे उनके द्वारा किए गए कंपाउंडरों के अटैचमेंट?
नरसिंहपुर आयुष विभाग में पूर्व जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुरताना सिंह चौहान के निलंबन के बाद अब विभाग के भीतर एक बड़ा सवाल तेजी से चर्चा में है — क्या उनके कार्यकाल में किए गए कर्मचारियों के अटैचमेंट अब रद्द किए जाएंगे या फिर पुरानी व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी?
सूत्रों के अनुसार डॉ. सुरताना सिंह चौहान के कार्यकाल के दौरान
लोकमन धुर्वे (ऊसरी),
संजीव सोनी (खैरी)
और
दीपक कतिया (मुर्गाखेड़ा)
जैसे कंपाउंडरों को उनके मूल पदस्थापना स्थल से हटाकर “50 बिस्तरीय आयुष अस्पताल” के नाम पर अटैच किया गया था।
लेकिन विभागीय चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि इन कर्मचारियों से अस्पताल की बजाय जिला आयुष कार्यालय में कार्य लिया जाता रहा। अब मैडम के निलंबन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इन अटैचमेंट्स का क्या होगा?
मैडम गईं, लेकिन व्यवस्था अब भी कायम?
विभाग के अंदर चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि जिन कर्मचारियों को विशेष व्यवस्था के तहत अटैच किया गया था, उनका अटैचमेंट डॉ. सुरताना सिंह चौहान के स्थानांतरण और निलंबन के बाद भी समाप्त नहीं किया गया।
ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह व्यवस्था केवल तत्कालीन अधिकारी के कार्यकाल तक सीमित थी या फिर इसे स्थायी रूप देने की तैयारी थी?
ग्रामीण औषधालयों में स्टाफ की कमी, फिर भी अटैचमेंट जारी?
जानकारों का कहना है कि जिन ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से कर्मचारियों को हटाया गया, वहां पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं का संकट बना हुआ है।
आयुक्त संचालनालय आयुष भोपाल द्वारा भी वर्षा ऋतु में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों का मुख्यालय में अटैच रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अब प्रभारी जिला आयुष अधिकारी पर निगाहें
अब पूरे मामले में नजर वर्तमान प्रभारी जिला आयुष अधिकारी पर टिकी हुई है।
क्या वे डॉ. सुरताना सिंह चौहान के कार्यकाल में किए गए अटैचमेंट को समाप्त करेंगे?
या फिर विभाग में वही पुरानी व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी?
विभागीय कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के बीच अब यही चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।
सबसे बड़ा सवाल
क्या पूर्व जिला आयुष अधिकारी के निलंबन के बाद उनके द्वारा किए गए कंपाउंडरों के अटैचमेंट भी रद्द होंगे?
या फिर विभाग में “विशेष व्यवस्था” पहले की तरह ही जारी रहेगी?
Disclaimer : यह समाचार विभागीय सूत्रों, स्थानीय चर्चाओं एवं प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। यदि संबंधित पक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना चाहता है तो SMP24NEWS.COM उसे प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।