चीचली जनपद की नरसरा पंचायत में अधूरे रिकॉर्ड पर भुगतान?
श्रेष्ठ मध्यप्रदेश 24 न्यूज.कॉम
नरसिंहपुर जिले की जनपद पंचायत चीचली अंतर्गत ग्राम पंचायत नरसरा के पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज भुगतान रिकॉर्ड अब चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। रिकॉर्ड की पड़ताल में ट्रैक्टर भाड़ा, साफ-सफाई, परिवहन, शांति धाम पुताई एवं अन्य कार्यों के नाम पर कई भुगतान दर्ज दिखाई दे रहे हैं, जिनमें जरूरी तकनीकी एवं प्रशासनिक जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं दिखाई देतीं।
पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 के बाद विभिन्न कार्यों के नाम पर लगातार भुगतान दर्ज दिखाई देते हैं। इनमें ट्रैक्टर भाड़ा, साफ-सफाई, परिवहन एवं अन्य छोटे पंचायत कार्य शामिल बताए जा रहे हैं।
रिकॉर्ड की जांच में कई भुगतान पत्रकों में आवश्यक जानकारी अधूरी या अस्पष्ट दिखाई देती है।
पंचायत वित्तीय प्रक्रिया से जुड़े जानकारों के अनुसार सामान्यतः ट्रैक्टर भाड़ा अथवा परिवहन भुगतान में वाहन क्रमांक, चालक/मालिक का नाम, कार्य स्थल, ट्रिप विवरण, कार्य अवधि, संबंधित कार्य का नाम, पंचायत प्रस्ताव एवं भुगतान सत्यापन जैसी जानकारी दर्ज होना आवश्यक माना जाता है।
इसके अलावा ट्रैक्टर भाड़ा रसीद, कार्य आदेश, मापन पुस्तिका (MB), सामग्री परिवहन रिकॉर्ड एवं कार्य सत्यापन दस्तावेज भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल में वर्ष 2022 के बाद ट्रैक्टर भाड़ा, साफ-सफाई, परिवहन, शांति धाम पुताई एवं अन्य कार्यों के नाम पर कुछ सीमित व्यक्तियों के नाम पर बार-बार भुगतान दर्ज दिखाई देते हैं।
रिकॉर्ड में कई भुगतान अलग-अलग तिथियों में दर्ज दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि पंचायत स्तर पर कार्य आवंटन और भुगतान प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही।
रिकॉर्ड में “शांति धाम पुताई एवं अन्य कार्य” के नाम पर भी भुगतान दर्ज दिखाई देते हैं। लेकिन कई दस्तावेजों में “अन्य कार्य” का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं दिखाई देता।
अब स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि संबंधित कार्यों का तकनीकी सत्यापन, कार्य मापन एवं सामग्री उपयोग रिकॉर्ड किस प्रकार दर्ज किया गया।
रिकॉर्ड में कई भुगतान ₹20,000, ₹25,000 और ₹30,000 जैसी राशियों में बार-बार दर्ज दिखाई दे रहे हैं। अब ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी चल रही है कि क्या भुगतान छोटे हिस्सों में विभाजित किए गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी भुगतान नियमानुसार हुए हैं, तो पंचायत को सार्वजनिक रूप से:
सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि भुगतान प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
ग्राम पंचायत नरसरा में वर्तमान सरपंच सतीश कौरव और सचिव आदित्य देव शर्मा के कार्यकाल से जुड़े भुगतान रिकॉर्ड अब चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज विभिन्न भुगतान एंट्रियों की पड़ताल में कई ऐसे दस्तावेज सामने आए हैं, जिनमें आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं दिखाई देती।
स्थानीय स्तर पर अब यह सवाल उठ रहे हैं कि पंचायत निधि से किए गए भुगतानों में पारदर्शिता, रिकॉर्ड संधारण और सत्यापन प्रक्रिया का पालन किस स्तर तक किया गया।