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हाईकोर्ट ने Counselor भर्ती प्रक्रिया रद्द की… अब आगे क्या? राज्य स्तर पर भेजी गई जानकारी | SMP24News.com

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16 मई 2026 | नरसिंहपुर / जबलपुर | SMP24News.com

⚖️ हाईकोर्ट ने Counselor भर्ती प्रक्रिया रद्द की… अब आगे क्या? राज्य स्तर पर भेजी गई जानकारी

Counselor Recruitment Investigation Series | Part-2 | डॉ. रिपु दमन बोले — “मामले की जानकारी राज्य स्तर पर भेज दी गई है”

SMP24News.com द्वारा प्रकाशित काउंसलर भर्ती विवाद से जुड़ी पहली विशेष रिपोर्ट के बाद अब मामले में विभागीय स्तर से नई जानकारी सामने आई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा चयन प्रक्रिया निरस्त किए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आगे विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होगी और क्या नई चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नरसिंहपुर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) एवं राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अंतर्गत हुई ICTC Counselor भर्ती प्रक्रिया को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था। अदालत ने चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और इंटरव्यू पैनल से जुड़े विवादों को गंभीर मानते हुए 07 मार्च 2022 से संबंधित चयन प्रक्रिया एवं नियुक्ति आदेशों को निरस्त कर दिया था।

माननीय हाईकोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से 07 मार्च 2022 को जारी Annexure P/5 एवं Annexure P/6 में दिए गए चयन एवं नियुक्ति संबंधी आदेशों को निरस्त करने का उल्लेख किया है। इसके साथ ही अदालत ने पूरी चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण मानते हुए नई प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए थे।

???? हाईकोर्ट के प्रमुख निर्देश

▪️ 07 मार्च 2022 के Annexure P/5 एवं P/6 संबंधी आदेश निरस्त

▪️ पुरानी चयन प्रक्रिया रद्द

▪️ नया इंटरव्यू बोर्ड गठित करने के निर्देश

▪️ पात्र उम्मीदवारों को दोबारा इंटरव्यू के लिए बुलाने का आदेश

▪️ नई मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश

कोर्ट के आदेश के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहा था कि आखिर अब आगे की प्रक्रिया क्या होगी। इसी बीच मामले में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रिपु दमन का बयान सामने आया है।

SMP24News.com से चर्चा के दौरान डॉ. रिपु दमन ने बताया कि विभागीय स्तर से पूरी जानकारी राज्य स्तर तक भेज दी गई है और अब आगे का निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।

“हमने अपनी कार्यवाही के तौर पर राज्य स्तर को लिख दिया है। कोर्ट ने एक निर्णय दिया है। CMHO केवल उस निर्णय के पालनकर्ता हैं। भर्ती प्रक्रिया नरसिंहपुर में जरूर हुई थी, लेकिन यह राज्य शासन के आदेश पर हुई थी। आगे पालन करना है या अपील में जाना है, यह निर्णय राज्य स्तर के अधिकारी करेंगे।”

डॉ. रिपु दमन के इस बयान के बाद अब यह स्पष्ट होता दिखाई दे रहा है कि मामले में अंतिम प्रशासनिक निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि राज्य शासन के स्तर पर लिया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट आदेश से संबंधित जानकारी उच्च अधिकारियों तक भेजी जा चुकी है।

???? याचिका में लगाए गए थे गंभीर आरोप

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद तब सामने आया जब याचिकाकर्ता मनीषा पटेल ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिका में दावा किया गया था कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी तथा इंटरव्यू पैनल से जुड़े कई बिंदुओं पर गंभीर अनियमितताएँ थीं।

अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार प्रारंभिक मेरिट और इंटरव्यू अंकों को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा इंटरव्यू पैनल के अधिकृत सदस्यों की उपस्थिति को लेकर भी विवाद सामने आया था।

हाईकोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण मानते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी थी।

???? CMHO को दिया गया था आवेदन

मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि याचिकाकर्ता मनीषा पटेल ने 23 अप्रैल 2026 को Chief Medical and Health Officer (CMHO) नरसिंहपुर को आवेदन देकर हाईकोर्ट के आदेश का शीघ्र पालन कराने की मांग की थी।

आवेदन में कहा गया था कि न्यायालय द्वारा पुनः इंटरव्यू प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अब तक नई चयन प्रक्रिया शुरू होने की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। आवेदन के साथ हाईकोर्ट आदेश की सत्यप्रतिलिपि भी संलग्न किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

⚠️ कानूनी जानकारों के अनुसार यदि शासन स्तर पर हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ अपील दायर नहीं की जाती है, तो विभाग को नई चयन प्रक्रिया शुरू करनी पड़ सकती है।

???? अब सबकी नजर शासन के फैसले पर

फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि राज्य शासन हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करता है या फिर मामले में अपील का रास्ता अपनाया जाएगा।

यदि शासन स्तर पर अपील दायर की जाती है, तो आगे की प्रक्रिया न्यायालयीन निर्णय पर निर्भर करेगी। वहीं यदि अपील नहीं होती है, तो हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नया इंटरव्यू बोर्ड गठित कर प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ सकती है।

यह भर्ती विवाद अब प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन चुका है। जिले में लंबे समय से यह मामला चर्चा में बना हुआ है और अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभागीय कार्रवाई पर भी निगाहें टिक गई हैं।

समाचार लिखे जाने तक राज्य स्तर से इस मामले में कोई आधिकारिक सार्वजनिक आदेश सामने नहीं आया था। साथ ही नई चयन प्रक्रिया अथवा नए इंटरव्यू बोर्ड को लेकर भी कोई औपचारिक सूचना जारी नहीं की गई थी।

⚖️ महत्वपूर्ण सूचना / Disclaimer :

यह समाचार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश, उपलब्ध दस्तावेजों एवं संबंधित विभागीय अधिकारी द्वारा दिए गए बयान के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार का उद्देश्य पाठकों तक प्रशासनिक एवं न्यायालयीन घटनाक्रम की जानकारी पहुंचाना है। अंतिम कानूनी स्थिति आगामी न्यायालयीन कार्यवाही एवं शासन स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगी। किसी भी पक्ष को दोषी घोषित करना इस समाचार का उद्देश्य नहीं है।

 

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