11/03/2026

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मरघट की जमीन पर पंचायत भवन के बाद अब 15 लाख का सामुदायिक भवन, पंच अतुल दीक्षित ने उठाए सवाल

मरघट की जमीन पर पंचायत भवन, खेल मैदान और 15 लाख का सामुदायिक भवन! पंच अतुल दीक्षित पहुंचे कलेक्टर के पास, शादी और अंतिम संस्कार एक ही जगह? उठे बड़े सवाल

नरसिंहपुर। करेली तहसील की ग्राम पंचायत निवारी पान में मरघट की जमीन पर किए गए और हो रहे निर्माण कार्य अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। जिस भूमि को मरघट की जमीन बताया जा रहा है, उसी पर पंचायत भवन का निर्माण किया गया है। पंचायत भवन के सामने खेल मैदान और सार्वजनिक शौचालय भी मौजूद हैं।

15 लाख के सामुदायिक भवन का लेआउट तैयार

अब इसी परिसर में करीब 15 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का लेआउट डाल दिया गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी है। इसके साथ ही उसी स्थान पर पानी की टंकी का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

मौके पर देखने पर सामने आई स्थिति

शिकायत की वास्तविकता जानने के लिए जब मौके पर ग्राम पंचायत निवारी पान पहुंचकर स्थिति देखी गई, तो वहां की व्यवस्था पहली नजर में ही काफी गंभीर दिखाई दी। मरघट की जमीन पर अलग-अलग निर्माण और उनके बीच दाह संस्कार स्थल होने के कारण पूरा परिसर असामान्य स्थिति पैदा करता हुआ नजर आता है।

पंचायत भवन परिसर में बना जिम भी बंद

पंचायत भवन की बाउंड्री के अंदर एक जिम भी बनाया गया था, लेकिन वह लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है, जिससे उसकी उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पानी की टंकी के कारण बदला दाह संस्कार स्थल

मूल दाह संस्कार स्थल के बाजू में ही पंचायत भवन का निर्माण किया गया था। पानी की टंकी बनाने के कारण दाह संस्कार स्थल का स्थान बदलकर दूसरा चबूतरा बनाया गया है। पहले मूल दाह संस्कार स्थल तक पहुंचने के लिए सीसी रोड का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब स्थान बदलने के कारण वह सीमेंट रोड भी बेकार होने की स्थिति में पहुंच सकती है।

पंच अतुल दीक्षित ने उठाई आवाज

इस पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत के पंच अतुल दीक्षित ने आगे आकर आवाज उठाई है। अतुल दीक्षित ने करीब 15 दिन पहले जनसुनवाई में शिकायत की थी और आज की जनसुनवाई में भी कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।

शादी और अंतिम संस्कार एक ही जगह होने की आशंका

अतुल दीक्षित का कहना है कि मरघट की जमीन पर इस प्रकार अलग-अलग निर्माण होने से व्यवस्था और योजना पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि भविष्य में सामुदायिक भवन में शादी या कोई सामाजिक कार्यक्रम चल रहा हो और उसी समय अंतिम संस्कार के लिए लोग पहुंच जाएं, तो स्थिति बेहद असहज हो सकती है।

अब इस पूरे मामले में प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर बनी हुई है।

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