25/04/2026

smp24news.com

श्रेष्ठ मध्यप्रदेश 24 न्यूज.कॉम

CMHO विवाद: “दावे बनाम दस्तावेज”, RTI से खुलेगा सच — आखिर ‘एक व्यक्ति’ कौन है?

“`html




CMHO अवकाश विवाद | RTI जांच | SMP24NEWS

🟥 BREAKING NEWS | SMP24NEWS RTI INVESTIGATION

🟥 CMHO के अवकाश और मुख्यालय से अनुपस्थिति पर विवाद गहराया, RTI में मांगे गए पूरे रिकॉर्ड

नरसिंहपुर | SMP24NEWS | विशेष रिपोर्ट | 25 अप्रैल 2026 (शनिवार)

#CMHO
#RTI
#Narsinghpur
#Investigation

जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष मिश्र एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार मामला उनके अवकाश, मुख्यालय से अनुपस्थिति और सरकारी यात्राओं से जुड़ा हुआ है। पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह दावा किया गया कि CMHO अक्सर मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। इसके जवाब में CMHO ने एक वीडियो जारी कर सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास सभी लिखित अनुमति मौजूद हैं और वे वैध अवकाश पर ही गए थे।

उन्होंने अपने वीडियो में कहा कि उनके पुत्र की तबीयत गंभीर होने के कारण उन्हें अचानक अवकाश लेना पड़ा था और उन्होंने उच्चाधिकारियों से लिखित अनुमति लेकर ही यात्रा की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स उन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं।

📑 RTI में क्या-क्या जानकारी मांगी गई?

✔ 21 मार्च 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक की उपस्थिति विवरण

✔ सभी अवकाश आदेशों की प्रमाणित प्रतियां

✔ मुख्यालय छोड़ने की अनुमति (HQ Permission)

✔ Tour Diary और Movement Register

✔ सरकारी वाहन लॉगबुक

RTI आवेदन में यह स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि संबंधित अवधि में CMHO की सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनुपस्थिति और अवकाश नियमों के अनुसार था या नहीं।

🧾 CMHO का पक्ष

CMHO डॉ. मनीष मिश्र का कहना है कि उनके सभी अवकाश और यात्राएं पूर्णतः नियमों के अनुसार हैं और उनके पास लिखित अनुमतियाँ उपलब्ध हैं।

उनका कहना है कि कोई भी अधिकारी अपनी वैध अनुमति के साथ कहीं भी जा सकता है और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

⚠️ विवाद का मुख्य बिंदु

विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि क्या सभी अवकाश और मुख्यालय से अनुपस्थिति का रिकॉर्ड प्रशासनिक फाइलों में सही तरीके से दर्ज है या नहीं।

एक पक्ष का कहना है कि सभी अनुमति मौजूद हैं, जबकि दूसरा पक्ष RTI के माध्यम से प्रमाणित दस्तावेज मांग रहा है।

📊 RTI जांच पर टिकी निगाहें

अब पूरा मामला RTI जवाब पर निर्भर है। यदि सभी दस्तावेज स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो जाते हैं, तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। लेकिन यदि रिकॉर्ड में कोई अंतर पाया जाता है, तो यह मामला और आगे जांच तक जा सकता है।

🧩 दो पक्षों का टकराव

यह मामला अब “दावे बनाम दस्तावेज” की स्थिति में पहुंच चुका है। एक तरफ प्रशासनिक अनुमति के दावे हैं, तो दूसरी तरफ RTI के माध्यम से प्रमाणित रिकॉर्ड की मांग।

🔚 निष्कर्ष

फिलहाल यह मामला किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। पूरा विवाद RTI रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से समझ में आएगा कि वास्तविक स्थिति क्या है।

👉 यह भी पढ़ें (Related News)

👉 मंत्री का दौरा पहले से तय था… फिर भी CMHO मुख्यालय से बाहर

👉 CMHO डॉ. मनीष मिश्र की मौजूदगी पर सवाल

👉 CMHO के बाद लेखा प्रबंधक भी मुख्यालय से बाहर?



“`

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *