अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर रोक को लेकर बड़ा अपडेट: कलेक्टर बिना कानूनी आदेश नहीं लगा सकेंगे प्रतिबंध
भोपाल। SMP24NEWS.COM
मध्य प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के नाम पर रजिस्ट्री रोकने के मामलों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था स्पष्ट की गई है। अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री केवल “अवैध कॉलोनी” बताकर नहीं रोकी जा सकेगी। इसके लिए सक्षम न्यायिक या वैधानिक आदेश अनिवार्य होगा। सरकारी निर्देशों के अनुसार, जिला कलेक्टर या अन्य प्रशासनिक अधिकारी केवल दस्तावेजों की जांच तक ही सीमित रहेंगे। वे स्वयं से किसी भी प्रकार का अनिश्चितकालीन प्रतिबंध रजिस्ट्री पर नहीं लगा सकेंगे।
http://<a href=”/mp-commercial-tax-department”>वाणिज्यिक कर विभाग, मध्य प्रदेश</a>

कलेक्टरों के अधिकार सीमित, नियमों के तहत ही होगी कार्रवाई
नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि रजिस्ट्री रोकने का अधिकार केवल कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकरण के आदेश पर ही लागू होगा।
बिना वैधानिक आदेश के किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री रोक अब नियमों के खिलाफ मानी जाएगी।
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई अलग, रजिस्ट्री अलग प्रक्रिया
प्रशासन का कहना है कि यदि किसी कॉलोनाइजर या बिल्डर ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो कार्रवाई सीधे उसी पर की जाएगी। लेकिन आम नागरिक जो संपत्ति खरीद चुके हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से प्रभावित नहीं किया जाएगा।

रियल एस्टेट बाजार पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्टता से जमीन और प्लॉट खरीदने वालों में भरोसा बढ़ेगा। रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनिश्चितता कम होने से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी। हालांकि खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले रेरा पंजीकरण, भूमि दस्तावेज और वैध कॉलोनी की स्थिति की जांच अवश्य करें।
📌 SMP24NEWS की रिपोर्ट
सरकार का रुख स्पष्ट है कि अवैध कॉलोनियों के मामलों में कार्रवाई दोषियों पर होगी, न कि आम खरीदारों पर। रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक अधिकार सीमित किए गए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे और नागरिकों को राहत मिले।





