6 जुलाई को CMHO एवं पुलिस की संयुक्त टीम कर चुकी है जांच, अब 6 अगस्त को प्रस्तावित ओपीडी से पहले जिला आयुष अधिकारी को सौंपी गई शिकायत
नरसिंहपुर | SMP24NEWS.COM
नरसिंहपुर शहर के होटल अतिथि में प्रत्येक माह की 6 तारीख को आयोजित होने वाली डॉ. राघव पाठक की निजी आयुर्वेदिक ओपीडी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। पिछले माह स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की संयुक्त जांच के बाद अब इस पूरे मामले में आयुष विभाग से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है। जिला आयुष अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निरीक्षण, आवश्यक दस्तावेजों की जांच तथा मरीजों को वितरित की जा रही दवाओं की सैंपलिंग कराने का अनुरोध किया गया है।
जून से लगातार उठ रहा है मामला
उल्लेखनीय है कि SMP24NEWS.COM ने जून माह में होटल अतिथि में संचालित इस निजी आयुर्वेदिक ओपीडी को लेकर समाचार प्रकाशित किया था। समाचार में यह सवाल उठाया गया था कि यदि किसी होटल में नियमित रूप से निजी आयुर्वेदिक ओपीडी संचालित की जा रही है, तो क्या उसके लिए आवश्यक वैधानिक नियमों एवं औपचारिकताओं का पालन किया जा रहा है या नहीं।
इसके बाद भी इस विषय पर लगातार निगरानी रखी गई और संबंधित गतिविधियों पर नजर बनाए रखी गई।
दिनांक 6 जुलाई 2026 को जब SMP24NEWS.COM की टीम होटल अतिथि पहुंची, तब वहां डॉ. राघव पाठक द्वारा निजी आयुर्वेदिक ओपीडी संचालित की जा रही थी। इसकी सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष कुमार मिश्रा को दूरभाष पर दी गई।
सूचना प्राप्त होने के बाद CMHO के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं स्टेशन थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और ओपीडी से संबंधित दस्तावेजों एवं अन्य पहलुओं का निरीक्षण किया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उक्त जांच की आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
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अब आयुष विभाग से विस्तृत जांच की मांग
स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद अब जिला आयुष अधिकारी को अलग से विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में अनुरोध किया गया है कि मामले की आयुष विभाग के स्तर पर भी स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यदि 6 अगस्त 2026 को होटल अतिथि में पुनः निजी आयुर्वेदिक ओपीडी आयोजित होती है, तो विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर नियमानुसार निरीक्षण करे।
होटल अतिथि में आयोजित डॉ. राघव पाठक की निजी आयुर्वेदिक ओपीडी की जांच, निरीक्षण एवं दवा सैंपलिंग की मांग को लेकर जिला आयुष अधिकारी को सौंपी गई शिकायत की प्रति।
दवाओं की सैंपलिंग कराने की मांग
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि ओपीडी के दौरान मरीजों को विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां, पुड़िया, सिरप, तेल तथा अन्य औषधियां उपलब्ध कराई जाती हैं। जनहित एवं मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन दवाओं की गुणवत्ता एवं वैधानिकता की जांच आवश्यक बताई गई है।
जिला आयुष अधिकारी से मांग की गई है कि निरीक्षण के दौरान मौके पर उपलब्ध दवाओं के विधिवत नमूने (Sampling) लिए जाएं तथा उन्हें अधिकृत प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा जाए।
इन दस्तावेजों की भी जांच की मांग
शिकायत में यह भी अनुरोध किया गया है कि निरीक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं की जांच की जाए—
दवाओं के निर्माता एवं निर्माण इकाई का विवरण।
निर्माण एवं विक्रय से संबंधित आवश्यक लाइसेंस।
बैच नंबर, निर्माण तिथि एवं एक्सपायरी।
लेबलिंग एवं पैकेजिंग का वैधानिक परीक्षण।
अन्य आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिनियमों एवं नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की भी मांग की गई है।
संभागीय आयुष अधिकारी से भी हुई चर्चा
इस पूरे मामले को लेकर संभागीय आयुष अधिकारी से भी दूरभाष पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि इस प्रकार के मामलों में जिला आयुष अधिकारी स्वयं जांच एवं कार्रवाई करने के लिए सक्षम और स्वतंत्र अधिकारी हैं। इसी सलाह के बाद विस्तृत शिकायत सीधे जिला आयुष अधिकारी को प्रस्तुत की गई।
शिकायत की प्रति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि दोनों विभाग आवश्यकतानुसार समन्वय स्थापित कर सकें।
6 अगस्त की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
पिछले एक माह में पहले समाचार प्रकाशन, उसके बाद स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की संयुक्त जांच और अब आयुष विभाग से निरीक्षण एवं दवा सैंपलिंग की मांग ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।
अब सभी की निगाहें 6 अगस्त पर टिकी हुई हैं। यदि उस दिन होटल अतिथि में ओपीडी आयोजित होती है और जिला आयुष विभाग मौके पर पहुंचकर निरीक्षण एवं सैंपलिंग करता है, तो जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर क्या तथ्य सामने आते हैं तथा संबंधित विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।
डॉ. राघव पाठक का पक्ष
यदि डॉ. राघव पाठक इस विषय में अपना पक्ष या स्पष्टीकरण देना चाहते हैं, तो SMP24NEWS.COM उनके पक्ष को भी बिना किसी संपादकीय भेदभाव के प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
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