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जबलपुर नगर निगम की कार्रवाई के दौरान आदित्य हॉस्पिटल के बाहर खड़े वाहन

आदित्य हॉस्पिटल की पार्किंग पर नगर निगम की कार्रवाई, फिर भी मूल सवाल बरकरार: मरीज वाहन कहां खड़े करें?

23 जुलाई की CM हेल्पलाइन शिकायत के बाद सड़क पर खड़े वाहनों को लेकर कार्रवाई; 11 अगस्त को नगर निगम ने कार्रवाई का वीडियो भेजा, लेकिन अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था पर सवाल बरकरार

जबलपुर। नेपियर टाउन स्थित आदित्य हॉस्पिटल की पार्किंग व्यवस्था को लेकर 23 जुलाई 2026 को दर्ज CM हेल्पलाइन शिकायत के बाद नगर निगम ने सड़क पर खड़े वाहनों को लेकर कार्रवाई की है। शिकायत क्रमांक 39612182 के संबंध में 11 अगस्त को नगर निगम की ओर से शिकायतकर्ता को कार्रवाई का वीडियो/इमेज उपलब्ध कराया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि मूल सवाल अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था का है।

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क्या सामने आया?

नगर निगम की कार्रवाई के वीडियो में सड़क पर वाहन खड़े करने वाले लोगों को चेतावनी दी जाती दिखाई देती है। कार्रवाई के दौरान सड़क पर वाहन खड़ा करने पर उन्हें जब्त किए जाने की चेतावनी भी दी जा रही है।

सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़े होने पर कार्रवाई यातायात व्यवस्था के लिहाज से आवश्यक हो सकती है। लेकिन इसके साथ यह सवाल भी सामने आता है कि यदि अस्पताल परिसर में मरीजों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध नहीं है, तो अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजन अपने वाहन कहां खड़े करें?

23 जुलाई की CM हेल्पलाइन शिकायत में क्या मुद्दा था?

शिकायतकर्ता के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को CM हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 39612182 के माध्यम से आदित्य हॉस्पिटल में मरीजों एवं उनके परिजनों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था का मुद्दा उठाया गया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मरीज को अस्पताल में उतारने के बाद अस्पताल के गार्ड और ड्राइवर वाहन को अस्पताल के सामने खड़ा नहीं करने देते और वाहन को आगे कहीं अन्य स्थान पर खड़ा करने के लिए कहा जाता है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, अस्पताल की ओर से पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात भी कही जाती है।

ऐसे में मूल सवाल यह है कि मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसके साथ आया वाहन चालक वाहन कहां खड़ा करे?

11 अगस्त को नगर निगम ने क्या कार्रवाई की?

11 अगस्त 2026 को नगर निगम की ओर से शिकायतकर्ता को कार्रवाई का वीडियो/इमेज उपलब्ध कराया गया।

वीडियो में नगर निगम की टीम सड़क पर खड़े वाहनों को लेकर लोगों को चेतावनी देती दिखाई देती है। कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर बाधक तरीके से खड़े वाहनों को हटाना और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखना बताया जा रहा है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है—सड़क पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई और अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था, दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं।

यदि शिकायत का एक प्रमुख हिस्सा अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था से संबंधित है, तो केवल सड़क से वाहनों को हटाने से उस मूल समस्या का स्थायी समाधान हुआ या नहीं, यह अलग से स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

शिकायत बंद करने से पहले मूल समस्या का समाधान हुआ?

नगर निगम की कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता को CM हेल्पलाइन शिकायत बंद करवाने के संबंध में भी कहा गया।

यहीं से सवाल उठता है कि शिकायत बंद करने से पहले क्या अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था की भी जांच की गई?

यदि जांच की गई है तो उसके आधार पर यह स्पष्ट होना चाहिए कि अस्पताल के स्वीकृत भवन नक्शे में पार्किंग के लिए कितनी जगह निर्धारित है और वर्तमान में उसका उपयोग किस प्रकार हो रहा है।

भवन के स्वीकृत नक्शे में पार्किंग कितनी है?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज आदित्य हॉस्पिटल का स्वीकृत भवन नक्शा हो सकता है।

नगर निगम के रिकॉर्ड से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि अस्पताल की भवन स्वीकृति के समय पार्किंग के लिए कितना क्षेत्र निर्धारित किया गया था।

इसके साथ यह भी देखा जाना जरूरी है कि—

  • स्वीकृत नक्शे में पार्किंग के लिए कितनी जगह निर्धारित है?
  • क्या वर्तमान में निर्धारित स्थान पार्किंग के रूप में उपयोग हो रहा है?
  • अस्पताल परिसर में वास्तविक पार्किंग क्षमता कितनी है?
  • क्या मौके की वर्तमान स्थिति स्वीकृत भवन नक्शे के अनुरूप है?
  • यदि पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान का उपयोग किसी अन्य गतिविधि में हो रहा है, तो क्या उसके लिए संबंधित अनुमति है?

इन सवालों का उत्तर सरकारी रिकॉर्ड और मौके के निरीक्षण से ही स्पष्ट हो सकता है।

इसी क्षेत्र के चिरायु चाइल्ड क्लिनिक में पार्किंग व्यवस्था का उल्लेख क्यों?

इसी क्षेत्र में संचालित डॉ. रजनीश नेमा के चिरायु चाइल्ड क्लिनिक में SMP24NEWS द्वारा मौके पर मरीजों के वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था देखी गई।

यह तथ्य CM हेल्पलाइन शिकायत का हिस्सा नहीं है और न ही इसे शिकायतकर्ता के कथन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

इसका उल्लेख केवल एक व्यावहारिक संदर्भ के रूप में किया जा रहा है कि समान क्षेत्र में संचालित किसी अन्य चिकित्सा संस्थान में पार्किंग की व्यवस्था दिखाई देती है।

हालांकि, दोनों संस्थानों की भूमि, भवन, स्वीकृत नक्शा, निर्माण परिस्थितियां और पार्किंग संबंधी स्वीकृतियां अलग हो सकती हैं। इसलिए केवल इस आधार पर आदित्य हॉस्पिटल के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और मौके के निरीक्षण से ही स्पष्ट होगी।

नगर निगम से पांच महत्वपूर्ण सवाल

1. आदित्य हॉस्पिटल का वर्तमान स्वीकृत भवन नक्शा क्या है?

2. स्वीकृत नक्शे में पार्किंग के लिए कितना क्षेत्र निर्धारित किया गया है?

3. क्या निर्धारित पार्किंग स्थान वर्तमान में उसी उद्देश्य के लिए उपयोग हो रहा है?

4. CM हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 39612182 में अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था के संबंध में भी जांच की गई या केवल सड़क पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई की गई?

5. शिकायत बंद करने से पहले मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों की पार्किंग के संबंध में क्या समाधान बताया गया?

अस्पताल आने वाले मरीजों के सामने मूल सवाल

सड़क पर वाहन खड़ा करना यातायात व्यवस्था के लिए समस्या हो सकता है और उस पर कार्रवाई भी आवश्यक हो सकती है। लेकिन यदि अस्पताल परिसर में पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध नहीं है, तो मरीजों के वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सवाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मरीज अस्पताल पहुंचता है, उसे उतारने के बाद वाहन हटाने को कहा जाता है। दूसरी ओर सड़क पर वाहन खड़ा करने पर नगर निगम की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में मरीज के साथ आए व्यक्ति के सामने सीधा सवाल है—

“आखिर वाहन कहां खड़ा करें?”

यही इस पूरे मामले का मूल सवाल है।

अस्पताल और नगर निगम का पक्ष

SMP24NEWS ने इस रिपोर्ट में उपलब्ध शिकायत, नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए कार्रवाई के वीडियो/इमेज और मौके पर देखी गई परिस्थितियों के आधार पर तथ्य प्रस्तुत किए हैं।

आदित्य हॉस्पिटल प्रबंधन अथवा नगर निगम यदि पार्किंग व्यवस्था, स्वीकृत भवन नक्शे, पार्किंग क्षमता अथवा शिकायत पर की गई कार्रवाई से संबंधित अपना पक्ष या दस्तावेज उपलब्ध कराना चाहता है, तो उसे भी रिपोर्ट में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।

अब आगे क्या?

इस मामले में अगला महत्वपूर्ण बिंदु आदित्य हॉस्पिटल के स्वीकृत भवन नक्शे और उसमें दर्ज पार्किंग प्रावधान की जानकारी है।

यदि सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति सामने आती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था नियमों के अनुरूप है या नहीं और मरीजों के वाहनों के लिए वास्तविक रूप से कितनी जगह उपलब्ध है।

SMP24NEWS इस मामले में CM हेल्पलाइन शिकायत, नगर निगम की कार्रवाई और उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के आधार पर आगे की पड़ताल जारी रखेगा।

संपादकीय टिप्पणी

यह रिपोर्ट 23 जुलाई 2026 की CM हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 39612182, 11 अगस्त 2026 को नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए कार्रवाई के वीडियो/इमेज तथा SMP24NEWS द्वारा मौके पर देखी गई परिस्थितियों के आधार पर तैयार की गई है।

चिरायु चाइल्ड क्लिनिक की पार्किंग व्यवस्था का उल्लेख SMP24NEWS के स्वयं के मौके पर किए गए निरीक्षण के संदर्भ में है। इसे शिकायतकर्ता के कथन के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

आदित्य हॉस्पिटल प्रबंधन अथवा संबंधित प्रशासनिक विभाग अपना पक्ष या संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना चाहे तो SMP24NEWS उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

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