पुलिस के अनुरोध पर सिविल सर्जन ने जारी किया आदेश, RTI में पहली बार सामने आया आधिकारिक दस्तावेज
नरसिंहपुर। जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप पटेल से जुड़े चर्चित प्रकरण में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत एक और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज सामने आया है। RTI के माध्यम से प्राप्त प्रमाणित आदेश से खुलासा हुआ है कि 15 अप्रैल 2026 को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर ने पुलिस के अनुरोध पर तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश जारी किया था।
यह वही मामला है जिसमें उपचार के बाद एक मासूम बच्ची की मृत्यु होने पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत शव का उत्खनन (Exhumation) कर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। अब तक मेडिकल बोर्ड के गठन की चर्चा तो होती रही, लेकिन उसका आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं हुआ था। RTI के जरिए पहली बार यह सरकारी दस्तावेज सामने आया है।
थाना कोतवाली के पत्र के आधार पर हुआ मेडिकल बोर्ड का गठन
RTI से प्राप्त आदेश के अनुसार थाना कोतवाली, नरसिंहपुर द्वारा शव उत्खनन के बाद पोस्टमार्टम कराए जाने के संबंध में जिला चिकित्सालय को पत्र भेजा गया था। पुलिस के अनुरोध पर सिविल सर्जन कार्यालय ने उसी दिन आदेश जारी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया।
आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया मेडिकल बोर्ड द्वारा संपादित की जाएगी।

इन तीन चिकित्सकों को मेडिकल बोर्ड में किया गया शामिल
सिविल सर्जन द्वारा जारी आदेश के अनुसार मेडिकल बोर्ड में निम्नलिखित चिकित्सकों को शामिल किया गया—
- डॉ. वीरेन्द्र पटेल — मेडिसिन विशेषज्ञ
- डॉ. श्रीमती मंजुलता सिसोदिया — शिशु रोग विशेषज्ञ
- डॉ. ओम बरोधिया — संविदा मेडिकल ऑफिसर
इन तीनों चिकित्सकों को शव का पोस्टमार्टम कर आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अब कई नए सवाल भी खड़े हुए
मेडिकल बोर्ड गठन का आदेश सामने आने के बाद अब कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सामने आना बाकी हैं—
- मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष दिए?
- रिपोर्ट किस अधिकारी को सौंपी गई?
- क्या रिपोर्ट के आधार पर कोई विभागीय या वैधानिक कार्रवाई हुई?
- पुलिस जांच में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का क्या प्रभाव पड़ा?
- क्या संबंधित अभिलेख और पत्राचार सार्वजनिक किए जाएंगे?
इन प्रश्नों के उत्तर अभी सामने आना बाकी हैं।
RTI के माध्यम से जारी रहेगी दस्तावेज़ आधारित पड़ताल
SMP24NEWS इस पूरे प्रकरण से जुड़े प्रत्येक आधिकारिक दस्तावेज की तथ्यात्मक और दस्तावेज़ आधारित पड़ताल जारी रखे हुए है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आगे भी मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट, विभागीय पत्राचार, जांच संबंधी अभिलेख एवं अन्य आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
जैसे-जैसे नए दस्तावेज सामने आएंगे, उन्हें तथ्यों और सरकारी अभिलेखों के आधार पर पाठकों के समक्ष प्रकाशित किया जाएगा।
संपादकीय टिप्पणी
यह समाचार सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त प्रमाणित सरकारी दस्तावेजों पर आधारित है। समाचार में प्रकाशित सभी तथ्य उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। यदि इस प्रकरण में संबंधित विभाग, मेडिकल बोर्ड के सदस्य अथवा अन्य सक्षम अधिकारी अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहें, तो SMP24NEWS.COM उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
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