Home » स्वास्थ्य (Health) » अखबार में समोसा-कचौरी लेना बंद कीजिए! आपकी चुप्पी बना सकती है आपको बीमार
अखबार में समोसा देने से मना करता ग्राहक

अखबार में समोसा-कचौरी लेना बंद कीजिए! आपकी चुप्पी बना सकती है आपको बीमार

Facebook
X
WhatsApp

अखबार में समोसा-कचौरी लेना बंद कीजिए! आपकी चुप्पी बना सकती है आपको बीमार

नरसिंहपुर। सुबह की चाय के साथ पोहा, शाम को समोसा-कचौरी या फिर बाजार से लाया गया गर्म आलूबंडा… यह हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस अखबार में ये खाद्य पदार्थ आपको दिए जा रहे हैं, वही अखबार आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकता है? सड़क किनारे ठेलों से लेकर कई मिठाई और नाश्ते की दुकानों तक आज भी समोसा, कचौरी, पोहा, आलूबंडा, जलेबी और अन्य खाद्य पदार्थ अखबार में लपेटकर दिए जा रहे हैं। अधिकांश लोग इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार यह आदत गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अखबार या किसी भी छपे हुए कागज में खाद्य पदार्थों को रखना, पैक करना या परोसना सुरक्षित नहीं माना जाता। अखबार की स्याही में उपयोग होने वाले विभिन्न रसायन और अन्य तत्व गर्म खाद्य पदार्थों के संपर्क में आकर भोजन में मिल सकते हैं। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार लोगों को इस प्रकार की पैकिंग से बचने की सलाह देते रहे हैं।

http://<p><strong>अधिक जानकारी के लिए :</strong> <a href=”https://www.fssai.gov.in” target=”_blank” rel=”noopener”> भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की आधिकारिक वेबसाइट </a> देखें। </p>

सवाल सिर्फ दुकानदारों का नहीं, ग्राहकों का भी है

अक्सर जब खाद्य सुरक्षा नियमों की बात होती है तो सारा ध्यान दुकानदारों और प्रशासन पर केंद्रित हो जाता है। लेकिन क्या केवल दुकानदार ही जिम्मेदार हैं? क्या ग्राहकों की कोई जिम्मेदारी नहीं है? यदि कोई दुकानदार आपको अखबार में समोसा या पोहा देता है और आप बिना कुछ कहे उसे स्वीकार कर लेते हैं, तो कहीं न कहीं आप भी इस गलत परंपरा को बढ़ावा दे रहे हैं।

आपकी एक ‘ना’ बदल सकती है पूरा सिस्टम

कल्पना कीजिए कि किसी बाजार में 100 ग्राहक रोज आते हैं और उनमें से 50 ग्राहक अखबार में दिया गया खाद्य पदार्थ लेने से मना कर दें। क्या दुकानदार अगले दिन भी उसी तरीके से सामान देने की हिम्मत करेगा? शायद नहीं। यही कारण है कि जागरूक नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। जब ग्राहक सुरक्षित पैकेजिंग की मांग करेंगे, तब दुकानदारों को भी मजबूरन फूड-ग्रेड पेपर और सुरक्षित विकल्प अपनाने पड़ेंगे।

अखबार में खाद्य पदार्थ देने से मना करता ग्राहक
FSSAI की सलाह के अनुसार अखबार या छपे हुए कागज में खाद्य पदार्थ परोसने से बचना चाहिए।

स्वास्थ्य से समझौता क्यों?

कई लोग सोचते हैं कि वर्षों से ऐसा होता आया है और कभी कोई समस्या नहीं हुई। लेकिन स्वास्थ्य संबंधी कई नुकसान धीरे-धीरे सामने आते हैं। जिस प्रकार दूषित पानी, मिलावटी खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ भोजन स्वास्थ्य के लिए खतरा होते हैं, उसी प्रकार अनुचित पैकेजिंग भी चिंता का विषय है। कुछ रुपये बचाने के लिए यदि खाद्य पदार्थ अखबार में परोसे जा रहे हैं तो उसका संभावित नुकसान ग्राहक को ही उठाना पड़ सकता है।

अब जागने का समय है

सरकारी विभाग कार्रवाई करें, नियम लागू करें और निरीक्षण करें, यह उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन समाज में बदलाव तब आता है जब जनता स्वयं जागरूक होती है। जिस प्रकार लोगों ने हेलमेट, सीट बेल्ट और स्वच्छता के प्रति जागरूकता दिखाई है, उसी प्रकार खाद्य सुरक्षा को लेकर भी जागरूक होने की आवश्यकता है।

अगली बार जब कोई दुकानदार आपको अखबार में समोसा, कचौरी, पोहा, आलूबंडा, जलेबी या कोई अन्य खाद्य सामग्री दे, तो विनम्रता के साथ लेकिन स्पष्ट रूप से मना कीजिए। उससे कहिए कि वह सुरक्षित और फूड-ग्रेड पैकेजिंग का उपयोग करे। आपकी यह छोटी सी पहल न केवल आपके स्वास्थ्य की रक्षा करेगी, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बन सकती है।

याद रखिए, खाद्य सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह हर नागरिक का अधिकार भी है और कर्तव्य भी।                                                           

📌 यह भी पढ़ें

https://smp24news.com/barkhast-karmchari-ko-sarkari-naukri-sagar/” target=”_blank”>                       💥 बड़ा खुलासा: बर्खास्त कर्मचारी बना स्थायी सरकारी कर्मी?

https://smp24news.com/mp-monsoon-2026-date-rain-alert-2/” target=”_blank”>                                ⚡ MP में मानसून की तारीख तय! 45 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

https://smp24news.com/narsinghpur-bhatia-tola-government-land/” target=”_blank”>                          🚨 नरसिंहपुर में सरकारी जमीन को लेकर बड़ा सवाल

 

https://smp24news.com/dr-pathak-opd-question-narsinghpur/” target=”_blank”>                               🩺 डॉ. पाठक की ओपीडी पर उठे सवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

Weather Update

Cricket Score

advertisement box

News Portal Websites in India

Rashifal