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नरसिंहपुर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता पर डांगीढाना सब स्टेशन में वरिष्ठ शीघ्रलेखक से निज सहायक बने श्यामलाल डेहरिया से बेगार करवाने के आरोप से संबंधित समाचार ग्राफिक।

अधीक्षण अभियंता की मनमानी? वरिष्ठ शीघ्रलेखक से निज सहायक बने श्यामलाल डेहरिया से डांगीढाना सब स्टेशन (वितरण केंद्र) में करवा रहे बेगार!

6 जुलाई 2026 के पदोन्नति आदेश में नरसिंहपुर कार्यालय का उल्लेख, डांगीढाना सब स्टेशन (वितरण केंद्र) में कार्य करने के आधार पर अलग आदेश की जानकारी मांगी

नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में वरिष्ठ शीघ्रलेखक से अस्थायी रूप से निज सहायक के पद पर पदोन्नत किए गए श्यामलाल डेहरिया की डांगीढाना सब स्टेशन में तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी के 6 जुलाई 2026 के पदोन्नति आदेश में उनके नाम के सामने वर्तमान पदस्थापना का कार्यालय अधीक्षण अभियंता (संचा/संधा), नरसिंहपुर दर्ज है। आदेश में डांगीढाना सब स्टेशन (वितरण केंद्र) का उल्लेख नहीं है।

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कंपनी के इस आदेश के अनुसार, एस.एल. डेहरिया सहित वरिष्ठ शीघ्रलेखकों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से निज सहायक के पद पर पदोन्नत किया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख है कि पदोन्नति के बाद वर्तमान पदस्थापना यथावत रहेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि डेहरिया डांगीढाना सब स्टेशन में कार्य कर रहे हैं, तो इसके लिए क्या कोई अलग स्थानांतरण या कार्य-आवंटन आदेश जारी किया गया है? यदि ऐसा आदेश जारी हुआ है, तो उसकी प्रति और उसमें दर्ज प्रशासनिक आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का 6 जुलाई 2026 का पदोन्नति आदेश, जिसमें एसएल डेहरिया की वर्तमान पदस्थापना अधीक्षण अभियंता नरसिंहपुर कार्यालय दर्ज है।
6 जुलाई 2026 के पदोन्नति आदेश में एस.एल. डेहरिया की वर्तमान पदस्थापना अधीक्षण अभियंता कार्यालय नरसिंहपुर दर्ज है।

करीब दो वर्ष पहले भेजे जाने की जानकारी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डेहरिया को तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अमित चौहान के कार्यकाल में करीब दो वर्ष पहले डांगीढाना सब स्टेशन भेजा गया था। हालांकि, इस संबंध में संबंधित आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थानांतरण की औपचारिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना आवश्यक है। वर्तमान अधीक्षण अभियंता एन.के. श्रीवास्तव ने कुछ महीने पहले ही कार्यभार संभाला है, इसलिए पुराने निर्णय की जिम्मेदारी तय करने से पहले संबंधित समय के आदेश और अभिलेख देखना जरूरी है।

करीब दो लाख रुपये मासिक वेतन, फिर भी डांगीढाना में ड्यूटी पर सवाल

जानकारी के अनुसार, श्यामलाल डेहरिया को प्रतिमाह लगभग 2 लाख रुपये वेतन मिलता है। हालांकि, वेतन की इस राशि की आधिकारिक वेतन-पर्ची या विभागीय रिकॉर्ड से पुष्टि किया जाना बाकी है। ऐसे में सवाल यह है कि वरिष्ठ शीघ्रलेखक से निज सहायक पद पर पदोन्नत कर्मचारी की पदस्थापना नरसिंहपुर कार्यालय दर्ज होने के बावजूद यदि उनसे डांगीढाना सब स्टेशन में काम लिया जा रहा है, तो इसके पीछे विभागीय आदेश और प्रशासनिक आधार क्या है? सार्वजनिक धन से वेतन पाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना और उनसे लिए जा रहे काम में पारदर्शिता होना जरूरी है। विभाग को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वरिष्ठ शीघ्रलेखक से निज सहायक पद पर पदोन्नत श्यामलाल डेहरिया से मामले में उनका पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने भी कॉल रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष मिलने पर उसे समाचार में शामिल किया जाएगा।

सब स्टेशन में पद और कामकाज पर भी सवाल

एक अन्य सवाल यह है कि डांगीढाना सब स्टेशन में वरिष्ठ शीघ्रलेखक अथवा लिपिक का स्वीकृत पद है या नहीं। यदि ऐसा पद स्वीकृत नहीं है, तो डेहरिया को वहां किस पद और किस आदेश के तहत कार्य कराया जा रहा है? फिलहाल स्वीकृत पदों की सूची और संबंधित कार्य-आवंटन आदेश उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इस बिंदु पर कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड से स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि वरिष्ठ शीघ्रलेखक से निज सहायक पद पर पदोन्नति के बाद संबंधित कर्मचारी से वास्तविक रूप से कौन-सा काम लिया जा रहा है और क्या यह काम उनके पदस्थापना संबंधी आदेशों के अनुरूप है। यदि आदेश और वास्तविक कार्यस्थल में अंतर है, तो कंपनी को उसका कारण स्पष्ट करना चाहिए।

अधीक्षण अभियंता कार्यालय में आउटसोर्स स्टेनोग्राफर, बाबू की भूमिका पर सवाल?

अधीक्षण अभियंता कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारी वीरेंद्र नामदेव से स्टेनोग्राफी का काम कराए जाने का मामला भी सामने आया है। फोन पर बातचीत के दौरान नामदेव ने स्वयं को अधीक्षण अभियंता का स्टेनोग्राफर बताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह कार्यालय में एक बाबू के अधीन रहकर स्टेनोग्राफी का काम कर रहे हैं। हालांकि, संबंधित बाबू का नाम और इस व्यवस्था से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारी से स्टेनोग्राफी का काम लिया जा रहा है, तो वरिष्ठ शीघ्रलेखक से निज सहायक पद पर पदोन्नत श्यामलाल डेहरिया को डांगीढाना सब स्टेशन में किस आदेश और किस कार्य के लिए रखा गया है? कंपनी को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि आउटसोर्स कर्मचारी की नियुक्ति, कार्य-विभाजन और संबंधित बाबू की भूमिका क्या है। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

मुख्य अभियंता ने क्या कहा?

जबलपुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. गिरियां से सामान्य रूप से यह पूछा गया था कि क्या अधीक्षण अभियंता अपने कार्यक्षेत्र में कर्मचारियों का स्थानांतरण कर सकते हैं। उस समय उन्हें इस प्रकरण का पूरा विवरण नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा था, “जो आपने बताया उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैं उनसे चर्चा करके उनसे बोलूंगा जो उचित हो वह किया जाए।” यह प्रतिक्रिया सामान्य बातचीत के संदर्भ में थी, न कि डेहरिया के मामले के सभी दस्तावेज देखने के बाद दिया गया कोई अंतिम निष्कर्ष।

वर्तमान अधीक्षण अभियंता एन.के. श्रीवास्तव से भी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

कनिष्ठ अभियंता का पक्ष जानने का प्रयास

डांगीढाना सब स्टेशन (वितरण केंद्र) के कनिष्ठ अभियंता संदीप यादव से मामले में उनका पक्ष जानने के लिए उनके शासकीय मोबाइल नंबर पर फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

कंपनी से इन सवालों पर स्पष्ट जवाब अपेक्षित

6 जुलाई 2026 के पदोन्नति आदेश में नरसिंहपुर कार्यालय का उल्लेख होने के बावजूद यदि श्यामलाल डेहरिया डांगीढाना सब स्टेशन में कार्यरत हैं, तो कंपनी को संबंधित अलग आदेश, कार्यस्थल, स्वीकृत पद और कार्य-आवंटन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारी से स्टेनोग्राफी का कार्य किन नियमों और शर्तों के तहत लिया जा रहा है।

यह मामला किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी घोषित करने का नहीं, बल्कि कंपनी के आदेश और वास्तविक कार्यव्यवस्था के बीच स्थिति स्पष्ट करने का है। उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष से ही यह तय हो सकेगा कि तैनाती और कार्य-आवंटन नियमानुसार हैं या नहीं।

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