
🚨 नरसिंहपुर में डॉ. पाठक की ओपीडी पर सवाल, रजिस्ट्रेशन मांगने पर मिला प्रिस्क्रिप्शन, डॉ पाठक ने रखा अपना पक्ष
नरसिंहपुर | SMP24NEWS.COM | 06 जून 2026
मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में समय-समय पर एक दिवसीय ओपीडी आयोजित करने वाली डॉ. पाठक हॉलिस्टिक क्योर संस्था की नरसिंहपुर ओपीडी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया, फेसबुक वीडियो और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से 6 जून को नरसिंहपुर तथा 9 जून को जबलपुर में ओपीडी आयोजित किए जाने का प्रचार किया गया था। इसी दौरान नरसिंहपुर में आयोजित एक दिवसीय ओपीडी से जुड़े दस्तावेजों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
📌 खजुराहो स्थित संस्था, अलग-अलग शहरों में लगती है ओपीडी
प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ. राघव पाठक की संस्था का पता खजुराहो, जिला छतरपुर बताया जाता है। संस्था समय-समय पर विभिन्न जिलों और शहरों में एक दिवसीय ओपीडी आयोजित करती है, जहां मरीजों को परामर्श और उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। नरसिंहपुर में आयोजित ओपीडी भी इसी प्रकार की एक निर्धारित ओपीडी बताई गई थी।
📱 व्हाट्सएप संदेश से शुरू हुई पड़ताल
SMP24NEWS को प्राप्त व्हाट्सएप संदेश में दावा किया गया था कि डॉ. राघव पाठक 6 जून को नरसिंहपुर और 9 जून को जबलपुर में मरीजों को परामर्श देंगे। संदेश में घुटनों का दर्द, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, गठिया, साइटिका, स्लिप डिस्क, कमजोरी तथा हाथ-पैरों में झुनझुनी जैसी समस्याओं के उपचार का उल्लेख किया गया था। साथ ही मरीजों से एडवांस अपॉइंटमेंट बुक करने की अपील की गई थी।
प्रचार सामग्री में यह भी कहा गया था कि डॉक्टर की ओपीडी पहले से ही रिजर्व रहती है और मरीजों को पूर्व निर्धारित स्लॉट लेकर पहुंचना चाहिए।
📄 दस्तावेज मांगने पर क्या जवाब मिला?
ओपीडी के प्रचार और दावों को देखते हुए SMP24NEWS ने नरसिंहपुर में आयोजित एक दिवसीय ओपीडी से संबंधित पंजीयन एवं अनुमति संबंधी जानकारी मांगी। बातचीत के दौरान संबंधित पक्ष की ओर से यह कहा गया कि आवश्यक पंजीयन मौजूद हैं।
हालांकि जब नरसिंहपुर में आयोजित ओपीडी से संबंधित दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया तो कुछ लिंक साझा किए गए। बाद में एक दस्तावेज उपलब्ध कराया गया, जो एक प्रिस्क्रिप्शन/डाइट चार्ट निकला।
📋 प्रिस्क्रिप्शन में क्या था?
उपलब्ध दस्तावेज में डॉ. राघव पाठक का नाम, डिग्री, रजिस्ट्रेशन नंबर, डाइट संबंधी सलाह और स्वास्थ्य संबंधी निर्देश दर्ज थे। दस्तावेज में मरीजों के लिए खान-पान और जीवनशैली से जुड़े सुझाव भी दिए गए थे।
लेकिन समाचार लिखे जाने तक SMP24NEWS को नरसिंहपुर में आयोजित इस विशेष एक-दिवसीय ओपीडी से संबंधित कोई स्पष्ट पंजीयन प्रमाणपत्र अथवा अनुमति की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसी कारण दस्तावेजी स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं।
🔍 सवाल आखिर किस बात को लेकर हैं?
यह सवाल संस्था या डॉक्टर के अस्तित्व को लेकर नहीं, बल्कि नरसिंहपुर में आयोजित उस विशेष ओपीडी से संबंधित दस्तावेजों को लेकर है। संबंधित पक्ष द्वारा पंजीयन होने का दावा किया गया, लेकिन मांगे जाने पर उसकी स्पष्ट प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में स्वाभाविक रूप से यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है कि संबंधित आयोजन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में दस्तावेजी पारदर्शिता को महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि जब किसी विशेष ओपीडी या चिकित्सा शिविर का प्रचार किया जाता है, तो उससे संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ जाती है।
🏛️ विभागीय रिकॉर्ड से ही होगी स्थिति स्पष्ट
इस मामले में अंतिम स्थिति केवल संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और आधिकारिक अभिलेखों से ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि आवश्यक दस्तावेज और पंजीयन उपलब्ध हैं तो उनके सार्वजनिक होने के बाद सभी प्रकार की शंकाएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं।
फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, SMP24NEWS द्वारा दस्तावेज मांगे जाने पर एक प्रिस्क्रिप्शन उपलब्ध कराया गया, जबकि नरसिंहपुर में आयोजित उक्त एक-दिवसीय ओपीडी से संबंधित स्पष्ट पंजीयन प्रमाणपत्र की प्रति समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हुई थी।
🗣️ डॉ. राघव पाठक ने क्या कहा?
SMP24NEWS से बातचीत में डॉ. राघव पाठक ने बताया कि उनकी संस्था पिछले लगभग तीन वर्षों से नरसिंहपुर सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्धारित तिथियों पर ओपीडी आयोजित करती आ रही है।
डॉ. पाठक के अनुसार, उनकी ओर से अधिवक्ता के माध्यम से उन जिलों के CMHO कार्यालयों को ईमेल भेजकर जानकारी मांगी गई थी, जहां समय-समय पर ओपीडी आयोजित की जाती है। ईमेल के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया गया कि इस प्रकार की एक-दिवसीय ओपीडी के संचालन के लिए कौन-कौन सी औपचारिकताएं और पंजीयन आवश्यक हैं।
डॉ. पाठक का कहना है कि समाचार लिखे जाने तक उन्हें संबंधित विभागों की ओर से आवश्यक औपचारिकताओं के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे ही विभाग की ओर से कोई जवाब प्राप्त होगा अथवा उन्हें आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी मिलेगी, वे नियमों के अनुरूप आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेंगे।



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Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध व्हाट्सएप संदेशों, प्राप्त दस्तावेजों तथा संबंधित पक्ष से हुई बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार की वैधानिक स्थिति का अंतिम निर्धारण केवल संबंधित सरकारी अभिलेखों एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही माना जाएगा।

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