लेखक: Vinay Shrivastava, SMP24NEWS.COM
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) को अधिकांश लोग केवल आरक्षण, पेंशन, ट्राइसाइकिल, रैंप या सरकारी योजनाओं का कानून मानते हैं। लेकिन जब इस अधिनियम का गहराई से अध्ययन किया जाता है, तो एक शब्द बार-बार सामने आता है—“Appropriate Government” (समुचित सरकार)।
यही शब्द पूरे कानून की रीढ़ है। यदि इसकी सही समझ हो जाए, तो यह भी स्पष्ट हो जाता है कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने की सबसे बड़ी कानूनी जिम्मेदारी किसकी है और जवाबदेही किस अधिकारी की बनती है।
RPwD Act में “Appropriate Government” क्या है?
RPwD Act, 2016 में “Appropriate Government” का अर्थ परिस्थितियों के अनुसार बदलता है। यह निर्धारित करता है कि किसी विशेष मामले में दिव्यांग अधिकारों को लागू करने और उनकी रक्षा करने की कानूनी जिम्मेदारी किस सरकार की होगी।
यानी यह कानून केवल अधिकार नहीं देता, बल्कि यह भी तय करता है कि उन अधिकारों को लागू कराने की जिम्मेदारी किसकी होगी।
केंद्र सरकार कब होगी “Appropriate Government”?
यदि मामला निम्न संस्थानों या विभागों से जुड़ा है, तो केंद्र सरकार समुचित सरकार मानी जाएगी—
- केंद्रीय मंत्रालय और विभाग
- भारतीय रेलवे
- एयरपोर्ट अथॉरिटी
- केंद्रीय विश्वविद्यालय
- राष्ट्रीय संस्थान
- केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (PSUs)
- केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले अन्य संस्थान
इन सभी मामलों में RPwD Act लागू कराने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

राज्य सरकार कब होगी “Appropriate Government”?
यदि विषय राज्य सरकार के नियंत्रण वाले संस्थानों से जुड़ा है, तो राज्य सरकार समुचित सरकार होगी।
उदाहरण—
- सरकारी स्कूल
- सरकारी कॉलेज
- जिला अस्पताल
- नगर पालिका / नगर निगम
- ग्राम पंचायत
- राज्य विश्वविद्यालय
- राज्य परिवहन
- पुलिस विभाग
- जिला प्रशासन
- अन्य राज्य सरकारी कार्यालय
इन संस्थानों में दिव्यांग अधिकारों को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी।
RPwD Act में सबसे बड़ी कानूनी जिम्मेदारी किसकी है?
RPwD Act की अधिकांश धाराओं में “Appropriate Government shall…” शब्दों का प्रयोग किया गया है।
इसका सीधा अर्थ है कि कानून का पालन करवाना किसी एक अधिकारी या विभाग का कार्य नहीं, बल्कि संबंधित विषय के अनुसार पूरी सरकार की जिम्मेदारी है।
उदाहरण के लिए—
- यदि सरकारी विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप नहीं है, तो शिक्षा विभाग जवाबदेह होगा।
- यदि जिला अस्पताल में व्हीलचेयर या सुलभ शौचालय नहीं हैं, तो स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा।
- यदि किसी सरकारी कार्यालय में दिव्यांग व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता, तो संबंधित विभाग उत्तरदायी होगा।
- यदि सरकारी भर्ती में दिव्यांग आरक्षण लागू नहीं किया जाता, तो संबंधित विभाग और समुचित सरकार जवाबदेह होगी।
क्या केवल समाज कल्याण विभाग जिम्मेदार है?
नहीं।
यह सबसे बड़ी गलतफहमी है।
RPwD Act केवल सामाजिक न्याय या दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग का कानून नहीं है।
यह एक Whole of Government Law है, अर्थात ऐसा कानून जो सरकार के लगभग हर विभाग पर लागू होता है।
इसमें शामिल हैं—
- शिक्षा विभाग
- स्वास्थ्य विभाग
- परिवहन विभाग
- नगरीय प्रशासन
- ग्रामीण विकास
- पंचायत विभाग
- पुलिस विभाग
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- उच्च शिक्षा
- तकनीकी शिक्षा
- खेल विभाग
- सूचना प्रौद्योगिकी
- आवास विभाग
अर्थात जहाँ भी दिव्यांग व्यक्ति का अधिकार प्रभावित होता है, वहाँ संबंधित विभाग इस कानून के दायरे में आता है।
जिला स्तर पर कौन-कौन अधिकारी जवाबदेह हैं?
यदि किसी जिले में RPwD Act का पालन नहीं हो रहा है, तो निम्न अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उत्तरदायी हो सकते हैं—
- जिला कलेक्टर
- जिला शिक्षा अधिकारी
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO जिला/जनपद पंचायत)
- नगर निगम आयुक्त / मुख्य नगरपालिका अधिकारी
- लोक निर्माण विभाग के अधिकारी
- परिवहन अधिकारी
- अन्य संबंधित विभागों के जिला प्रमुख
जिस विभाग का कार्य होगा, सबसे पहले उसी विभाग के अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
RPwD Act का सबसे महत्वपूर्ण संदेश
RPwD Act यह नहीं कहता कि दिव्यांग व्यक्ति सरकार से सुविधा माँगे।
यह स्पष्ट करता है कि—
- सरकार समान अवसर सुनिश्चित करेगी।
- भेदभाव नहीं होने देगी।
- सुगम (Accessible) वातावरण उपलब्ध कराएगी।
- दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करेगी।
यही कारण है कि पूरे अधिनियम में “Appropriate Government” शब्द बार-बार दिखाई देता है।
यदि RPwD Act का पालन नहीं हो रहा हो तो क्या करें?
यदि किसी विभाग द्वारा कानून का पालन नहीं किया जा रहा है, तो नागरिक निम्न कदम उठा सकते हैं—
- संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दें।
- सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी प्राप्त करें।
- राज्य दिव्यांग आयुक्त के समक्ष शिकायत करें।
- मुख्य दिव्यांग आयुक्त के समक्ष शिकायत करें।
- आवश्यकता होने पर मानवाधिकार आयोग या अन्य सक्षम प्राधिकरण से संपर्क करें।
- अंतिम विकल्प के रूप में उच्च न्यायालय में संवैधानिक उपचार की मांग की जा सकती है।
निष्कर्ष
RPwD Act, 2016 का सबसे शक्तिशाली शब्द “Appropriate Government” (समुचित सरकार) है।
यही शब्द तय करता है कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना किसी प्रकार की दया या कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि सरकार का वैधानिक दायित्व है।
जब तक नागरिक, सामाजिक संगठन, मीडिया और स्वयं दिव्यांगजन इस अवधारणा को नहीं समझेंगे, तब तक कानून के कई महत्वपूर्ण प्रावधान व्यवहार में पूरी तरह लागू नहीं हो पाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. RPwD Act, 2016 में “Appropriate Government” का क्या अर्थ है?
“Appropriate Government” (समुचित सरकार) से तात्पर्य उस सरकार से है जो किसी विषय, विभाग या संस्थान के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार होती है। यह केंद्र सरकार या राज्य सरकार, दोनों में से कोई भी हो सकती है।
2. RPwD Act के तहत केंद्र सरकार कब “Appropriate Government” होती है?
जब मामला केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, रेलवे, हवाई अड्डों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों या केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले संस्थानों से जुड़ा हो, तब केंद्र सरकार “Appropriate Government” होती है।
3. राज्य सरकार कब “Appropriate Government” मानी जाती है?
यदि मामला राज्य सरकार के विभाग, सरकारी विद्यालय, अस्पताल, नगर निकाय, पंचायत, पुलिस, राज्य विश्वविद्यालय या अन्य राज्य नियंत्रित संस्थानों से संबंधित हो, तो राज्य सरकार “Appropriate Government” होती है।
4. क्या RPwD Act केवल सामाजिक न्याय विभाग पर लागू होता है?
नहीं। RPwD Act एक Whole of Government Law है। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, पुलिस, लोक निर्माण, उच्च शिक्षा और अन्य सभी संबंधित सरकारी विभागों पर लागू होता है।
5. जिले में RPwD Act के पालन की जिम्मेदारी किसकी होती है?
जिले में संबंधित विभाग के अधिकारी, जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम/नगर पालिका आयुक्त, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जवाबदेह होते हैं।
6. यदि RPwD Act का पालन नहीं हो रहा है तो शिकायत कहाँ करें?
संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दें, सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से जानकारी प्राप्त करें, राज्य या मुख्य दिव्यांग आयुक्त के समक्ष शिकायत करें तथा आवश्यक होने पर न्यायालय का भी सहारा लिया जा सकता है।
7. RPwD Act, 2016 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अधिनियम का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर, भेदभाव रहित वातावरण, सुगम (Accessible) सेवाएं और उनके मानवाधिकारों की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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