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मध्यप्रदेश DPI द्वारा महिला शिक्षकों के CCL को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति मानने का आदेश जारी

📰 DPI का बड़ा आदेश: महिला शिक्षकों के CCL को अब ई-अटेंडेंस में मिलेगा “उपस्थिति” का दर्जा

📍 भोपाल | SMP24NEWS.COM

मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने महिला शिक्षकों के लिए संतान पालन अवकाश (CCL) को लेकर एक महत्वपूर्ण और राहतभरा आदेश जारी किया है। इस नए आदेश में ई-अटेंडेंस प्रणाली से जुड़ा बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे महिला शिक्षकों की सेवा स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ेगा।


🚨 CCL को अब नहीं माना जाएगा अनुपस्थित

आदेश के अनुसार, यदि किसी महिला शिक्षक का CCL सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत स्वीकृत है, तो उस अवधि को ई-अटेंडेंस में अनुपस्थिति नहीं माना जाएगा। इसके बजाय उसे “उपस्थिति” के रूप में दर्ज किया जाएगा

इस निर्णय से महिला शिक्षकों के सेवा रिकॉर्ड और उपस्थिति प्रतिशत पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

http://<a href=”https://smp24news.com/education-department-mp/”> DPI आदेश मध्यप्रदेश | शिक्षा विभाग MP </a>


⚠️ पहले थी 90% उपस्थिति की समस्या

अब तक CCL अवधि को अनुपस्थिति में गिना जाता था, जिससे कई महिला शिक्षकों की कुल उपस्थिति 90 प्रतिशत की अनिवार्य सीमा से नीचे चली जाती थी। इसका असर ट्रांसफर, मूल्यांकन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी पड़ता था।

नए आदेश के बाद इस समस्या में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


🧾 आवेदन के बाद मिलेगा लाभ

हालांकि यह लाभ स्वतः लागू नहीं होगा। इसके लिए संबंधित महिला शिक्षकों को राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति को आवेदन करना होगा।

यह आवेदन ईमेल के माध्यम से भेजा जाएगा, जिसके बाद समिति मामलों की जांच कर पात्रता के आधार पर अंतिम निर्णय लेगी।


🏛️ अधिकारियों की भूमिका तय

इस प्रक्रिया में जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर और संभागीय संयुक्त संचालकों की भूमिका केवल आवेदन आगे भेजने तक सीमित रहेगी। अंतिम निर्णय राज्य स्तरीय समिति द्वारा लिया जाएगा।

मध्यप्रदेश DPI द्वारा महिला शिक्षकों के CCL को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति मानने का आदेश जारी
DPI ने महिला शिक्षकों के CCL को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति मानने के जारी किए गए आदेश की कॉपी

🔍 विभाग का उद्देश्य

विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य ई-अटेंडेंस प्रणाली को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि केवल विधिवत स्वीकृत CCL मामलों को ही उपस्थिति में बदला जा सके।


⚡ शिक्षकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया

हालांकि इसे राहत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन प्रक्रिया को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। शिक्षक वर्ग का कहना है कि यदि CCL पहले से स्वीकृत है, तो इसे सीधे ई-अटेंडेंस में अपडेट किया जाना चाहिए था।


🧾 निष्कर्ष

कुल मिलाकर यह आदेश महिला शिक्षकों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है। इससे उपस्थिति संबंधी समस्याएं कम होंगी और सेवा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आवेदन और निराकरण की प्रक्रिया कितनी सरल और तेज होती है।

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