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Reasonable Accommodation क्या है? | RPwD Act Series – भाग 4 | SMP24NEWS

RPwD Act Series – भाग 4 **RPwD Act, 2016 में “Reasonable Accommodation (युक्तिसंगत समायोजन)” क्या है? दिव्यांगजनों के अधिकारों का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत

प्रस्तावना

“Reasonable Accommodation (युक्तिसंगत समायोजन)” कल्पना कीजिए कि दो व्यक्ति एक ही सरकारी कार्यालय में अपना आवेदन जमा करने जाते हैं। एक सामान्य व्यक्ति सीढ़ियाँ चढ़कर आसानी से कार्यालय पहुँच जाता है, लेकिन दूसरा व्यक्ति व्हीलचेयर का उपयोग करता है। यदि भवन में रैंप नहीं है, तो क्या दोनों को समान अवसर मिला?

या एक दृष्टिबाधित विद्यार्थी परीक्षा देने जाता है, लेकिन उसे लेखक (Scribe) उपलब्ध नहीं कराया जाता। क्या केवल परीक्षा आयोजित कर देना ही समानता है?

इसी प्रश्न का उत्तर RPwD Act, 2016 का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत देता है—Reasonable Accommodation (युक्तिसंगत समायोजन)।

यह सिद्धांत कहता है कि समानता का अर्थ सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुसार उचित सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वह अपने अधिकारों का समान रूप से उपयोग कर सके।

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Reasonable Accommodation क्या है?

RPwD Act, 2016 की धारा 2 में “Reasonable Accommodation” की परिभाषा दी गई है।

सरल शब्दों में इसका अर्थ है—

दिव्यांग व्यक्ति की विशेष आवश्यकता के अनुसार आवश्यक एवं उपयुक्त परिवर्तन, सुविधा या समायोजन करना, जिससे वह अन्य व्यक्तियों के समान अपने अधिकारों का उपयोग कर सके, बशर्ते इससे संबंधित संस्था पर असंगत या अत्यधिक बोझ (Undue Burden) न पड़े।

यह RPwD Act की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं में से एक है और UN Convention on the Rights of Persons with Disabilities (UNCRPD) के मूल सिद्धांतों पर आधारित है।


समान व्यवहार और समान अवसर में अंतर

बहुत से लोग मानते हैं कि सभी के साथ समान व्यवहार करना ही समानता है।

लेकिन RPwD Act एक कदम आगे जाकर कहता है कि—

सभी को एक जैसी सुविधा देना पर्याप्त नहीं है।

आवश्यकता यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को उसकी परिस्थिति के अनुसार ऐसी सुविधा मिले जिससे वह वास्तव में समान अवसर प्राप्त कर सके।

यही Reasonable Accommodation है।


उदाहरण 1 : सरकारी कार्यालय

यदि कोई व्हीलचेयर उपयोगकर्ता प्रमाणपत्र बनवाने आता है और कार्यालय पहली मंजिल पर है, जहाँ लिफ्ट या रैंप नहीं है, तो अधिकारी का यह कहना कि “सब लोग ऊपर आ रहे हैं, आप भी आइए” उचित नहीं होगा।

Reasonable Accommodation के अंतर्गत कार्यालय को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि सेवा नीचे उपलब्ध कराई जा सके या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।


उदाहरण 2 : जिला अस्पताल

मान लीजिए किसी दिव्यांग को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चार अलग-अलग दिनों में अलग-अलग डॉक्टरों के पास भेजा जाता है।

ऐसी स्थिति में प्रशासन को यह विचार करना चाहिए कि क्या सभी आवश्यक परीक्षण एक ही दिन या न्यूनतम बार बुलाकर पूरे किए जा सकते हैं।

यदि प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है, तो यही Reasonable Accommodation की भावना के अनुरूप होगा।


उदाहरण 3 : शिक्षा

यदि किसी विद्यार्थी को लिखने में कठिनाई है, तो उसे—

  • लेखक (Scribe)
  • अतिरिक्त समय
  • बड़े अक्षरों का प्रश्नपत्र
  • ब्रेल या डिजिटल प्रारूप

उपलब्ध कराना Reasonable Accommodation है।


उदाहरण 4 : रोजगार

यदि कोई योग्य दिव्यांग कर्मचारी कार्य कर सकता है, लेकिन उसे विशेष कुर्सी, स्क्रीन रीडर या कार्यस्थल में छोटे बदलाव की आवश्यकता है, तो जहाँ संभव हो, नियोक्ता को ऐसे समायोजन पर विचार करना चाहिए।


उदाहरण 5 : बैंक

यदि बैंक का टोकन सिस्टम दृष्टिबाधित व्यक्ति के लिए उपयोगी नहीं है, तो कर्मचारी द्वारा व्यक्तिगत सहायता प्रदान करना भी Reasonable Accommodation का उदाहरण हो सकता है।


Reasonable Accommodation और Accessibility में अंतर

बहुत से लोग इन दोनों को एक ही समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है।

Accessibility का उद्देश्य पूरी व्यवस्था को पहले से सभी के लिए सुगम बनाना है।

Reasonable Accommodation किसी विशेष व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त या उपयुक्त व्यवस्था करना है।

उदाहरण के लिए—

  • भवन में रैंप बनाना Accessibility है।
  • यदि रैंप उपलब्ध नहीं है और कर्मचारी नीचे आकर सेवा प्रदान करता है, तो वह Reasonable Accommodation हो सकता है।

क्या हर मांग Reasonable Accommodation होती है?

नहीं।

RPwD Act यह भी कहता है कि सुविधा ऐसी होनी चाहिए जिससे संस्था पर अत्यधिक या असंगत बोझ (Undue Burden) न पड़े।

इसका मूल्यांकन प्रत्येक मामले के तथ्यों के आधार पर किया जाता है।


क्या निजी संस्थानों पर भी यह लागू होता है?

हाँ।

जहाँ RPwD Act लागू होता है, वहाँ सरकारी और अनेक निजी संस्थानों पर भी दिव्यांगजनों के प्रति भेदभाव न करने तथा आवश्यक समायोजन पर विचार करने का दायित्व हो सकता है। यह दायित्व संबंधित परिस्थितियों और कानून के प्रावधानों पर निर्भर करता है।


यह सिद्धांत इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

Reasonable Accommodation के बिना—

  • समानता अधूरी रह जाती है।
  • अधिकार केवल कागज़ों तक सीमित रह जाते हैं।
  • दिव्यांगजन वास्तविक रूप से सेवाओं का लाभ नहीं ले पाते।

इसी कारण इसे RPwD Act की आत्मा कहा जाता है।


निष्कर्ष

Reasonable Accommodation कोई विशेष कृपा या दया नहीं है।

यह दिव्यांगजनों को उनके संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों का प्रभावी उपयोग करने योग्य बनाने का माध्यम है।

जब तक व्यवस्था व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता को नहीं समझेगी, तब तक समान अवसर का उद्देश्य पूर्ण नहीं होगा।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1. Reasonable Accommodation का अर्थ क्या है?

दिव्यांग व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार आवश्यक एवं उपयुक्त सुविधा या समायोजन उपलब्ध कराना।

प्रश्न 2. क्या यह केवल सरकारी कार्यालयों पर लागू होता है?

नहीं। RPwD Act के लागू होने वाले अनेक सरकारी एवं निजी संस्थानों पर भी इसकी प्रासंगिकता हो सकती है।

प्रश्न 3. क्या रैंप बनाना ही Reasonable Accommodation है?

नहीं। रैंप मुख्यतः Accessibility का हिस्सा है। Reasonable Accommodation व्यक्ति-विशेष की आवश्यकता के अनुसार समायोजन है।

प्रश्न 4. क्या अतिरिक्त परीक्षा समय भी Reasonable Accommodation है?

हाँ, उपयुक्त परिस्थितियों में यह इसका उदाहरण हो सकता है।

प्रश्न 5. क्या दिव्यांगजन इसकी मांग कर सकते हैं?

हाँ, यदि किसी सेवा या अधिकार का समान उपयोग करने के लिए युक्तिसंगत समायोजन आवश्यक है, तो वे संबंधित प्रावधानों के अनुसार इसकी मांग कर सकते हैं।


📚 RPwD Act Series – पहले प्रकाशित लेख

📖 भाग 1: RPwD Act, 2016 क्यों लाया गया?

👉 https://smp24news.com/rpwd-act-2016-kyon-laya-gaya/

📖 भाग 2: RPwD Act, 2016 में ‘Appropriate Government’ क्या है?

👉 https://smp24news.com/rpwd-act-2016-appropriate-government-hindi/

📖 भाग 3: RPwD Act, 2016 में ‘Barrier (बाधा)’ क्या है?

RPwD Act Series – भाग 3, RPwD Act, 2016 में “Barrier (बाधा)” क्या है? क्या केवल रैंप न होना ही Barrier है?

(पढ़ें)

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