नरसिंहपुर। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को लेकर आम वाहन चालकों से नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है, लेकिन नरसिंहपुर में सरकारी अधिकारियों की सेवा में लगे कई अनुबंधित वाहनों और एक सरकारी वाहन की नंबर प्लेट व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अपर कलेक्टर, जिला पंचायत CEO, तहसीलदार और सिविल सर्जन की सेवा में लगे चार अनुबंधित वाहनों में HSRP नंबर प्लेट नहीं लगी है। वहीं खनिज विभाग के सरकारी वाहन में भी HSRP नंबर प्लेट नहीं है। खास बात यह है कि सिविल सर्जन की सेवा में लगा वाहन नो-पार्किंग जोन में भी खड़ा दिखाई देता है, जहां नो-पार्किंग का बोर्ड स्पष्ट रूप से लगा हुआ है।
“HSRP नंबर प्लेट के नियम”
http://HSRP नंबर प्लेट के आधिकारिक नियम — MoRTH
1. अपर कलेक्टर की सेवा में वाहन MP28TA1650
नरसिंहपुर अपर कलेक्टर की सेवा में लगा अनुबंधित वाहन MP28TA1650 HSRP नंबर प्लेट के बिना संचालित हो रहा है। सरकारी अधिकारी की सेवा में लगाए गए इस वाहन पर HSRP का अभाव सीधे तौर पर वाहन की जांच और अनुबंध प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि वाहन को सरकारी सेवा में लगाने से पहले क्या संबंधित विभाग ने वाहन के सभी जरूरी दस्तावेजों और निर्धारित मानकों की जांच की थी?

2. जिला पंचायत CEO की सेवा में MP49T1134
जिला पंचायत CEO की सेवा में लगा अनुबंधित वाहन MP49T1134 भी HSRP नंबर प्लेट के बिना संचालित हो रहा है। यह वाहन भी सरकारी अधिकारी की सेवा में लगा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि अनुबंधित वाहन उपलब्ध कराने वाले वाहन मालिक और संबंधित विभाग द्वारा वाहन के नियमों की जांच किस स्तर पर की गई।

3. तहसीलदार की सेवा में MP49ZC0479
तहसीलदार की सेवा में लगा अनुबंधित वाहन MP49ZC0479 भी HSRP नंबर प्लेट के बिना है। जब सरकारी कार्यालयों में अनुबंधित वाहनों का इस्तेमाल अधिकारियों की सरकारी ड्यूटी के लिए किया जाता है, तो वाहन के दस्तावेजों और निर्धारित मानकों की जांच होना आवश्यक है। ऐसे में इस वाहन की स्थिति भी जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

4. सिविल सर्जन की सेवा में MP04ZG8032, नो-पार्किंग में भी खड़ी
MP04ZG8032 सिविल सर्जन की सेवा में लगा अनुबंधित वाहन MP04ZG803 है। उपलब्ध तस्वीर में वाहन पर HSRP नंबर प्लेट लगी दिखाई नहीं दे रही है। वहीं वाहन सिविल सर्जन कार्यालय के नो-पार्किंग जोन में खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि तस्वीर में ‘No Parking’ का बोर्ड भी स्पष्ट नजर आ रहा है। बताया गया है कि यह वाहन यहां प्रतिदिन नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ा रहता है। ऐसे में इस वाहन को लेकर HSRP अनुपालन के साथ यातायात नियमों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

5. खनिज विभाग का सरकारी वाहन MP02AV3273 भी HSRP विहीन
मामला केवल अनुबंधित वाहनों तक सीमित नहीं है। खनिज विभाग का सरकारी वाहन MP02AV3273 भी HSRP नंबर प्लेट के बिना संचालित हो रहा है। सरकारी विभाग के वाहन में ही HSRP नहीं होने से परिवहन विभाग और संबंधित विभाग की वाहन जांच व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

आम वाहन चालकों से नियमों का पालन, सरकारी वाहनों की जांच कौन करेगा?
HSRP व्यवस्था का उद्देश्य वाहनों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। ऐसे में आम वाहन मालिकों से HSRP लगाने के लिए कहा जाता है और नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन दूसरी ओर सरकारी अधिकारियों की सेवा में लगे अनुबंधित वाहनों और सरकारी विभाग के वाहन में HSRP नहीं होना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।
अनुबंधित वाहन किसी अधिकारी की सेवा में लगाया जाता है तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वाहन के RC, फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और HSRP सहित आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए।
परिवहन और यातायात विभाग करे जांच
नरसिंहपुर में सामने आए इन पांच वाहनों की परिवहन विभाग द्वारा जांच की जानी चाहिए। जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इन वाहनों में HSRP क्यों नहीं लगी है, वाहन सरकारी सेवा में किस प्रक्रिया के तहत लगाए गए हैं और अनुबंध से पहले इनके दस्तावेजों का सत्यापन किस अधिकारी ने किया था।
वहीं MP04ZG8032 के नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े होने के मामले में यातायात विभाग को भी कार्रवाई और नियमों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जब नियम आम वाहन चालकों के लिए लागू हैं, तो सरकारी अधिकारियों की सेवा में लगे वाहनों और सरकारी विभागों के वाहनों की जवाबदेही भी तय होना जरूरी है। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इन पांच वाहनों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
डिस्क्लेमर
यह खबर उपलब्ध फोटो, मौके पर दिखाई दे रही वाहन नंबर प्लेट की स्थिति और संबंधित अधिकारी से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकारी एवं अनुबंधित वाहनों में HSRP नंबर प्लेट तथा यातायात नियमों के पालन को लेकर जनहित में सवाल उठाना है। संबंधित विभाग या अधिकारी की ओर से प्राप्त अतिरिक्त जानकारी अथवा स्पष्टीकरण को भी खबर में उचित स्थान दिया जाएगा।
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