नरसिंहपुर, | SMP24NEWS.COM
दूध, दही, पनीर, मिठाई, नमकीन, बेकरी उत्पाद, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य व्यवसाय संचालित करने वाले व्यापारियों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का पंजीयन अथवा लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई स्थानों पर बिना वैध लाइसेंस के खाद्य सामग्री का निर्माण और विक्रय किए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य व्यवसायों का FSSAI के अंतर्गत पंजीकृत होना आवश्यक है। व्यवसाय के आकार और वार्षिक कारोबार के आधार पर खाद्य कारोबारियों को पंजीयन या लाइसेंस प्राप्त करना पड़ता है।
http://FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट: fssai.gov.in पर पंजीयन किया जा सकता है
क्या कहता है कानून?
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत बिना वैध लाइसेंस के खाद्य व्यवसाय संचालित करना कानून का उल्लंघन माना गया है। अधिनियम की धारा 63 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति आवश्यक लाइसेंस प्राप्त किए बिना खाद्य व्यवसाय संचालित करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस धारा में 6 माह तक कारावास और 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
किन व्यवसायों के लिए जरूरी है लाइसेंस?
विशेषज्ञों के अनुसार डेयरी, मिठाई दुकान, नमकीन निर्माण इकाई, बेकरी, होटल, रेस्टोरेंट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, कैटरिंग व्यवसाय तथा अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय से जुड़े प्रतिष्ठानों को नियमों के अनुसार FSSAI पंजीयन या लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है।

खाद्य विभाग करता है नियमित जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है। जांच के दौरान लाइसेंस संबंधी दस्तावेज, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जाती है। यदि निरीक्षण के दौरान कोई प्रतिष्ठान बिना वैध लाइसेंस अथवा नियमों के विपरीत संचालित पाया जाता है, तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
उपभोक्ता भी रहें सतर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री खरीदते समय प्रतिष्ठान का FSSAI लाइसेंस नंबर, स्वच्छता व्यवस्था और उत्पाद की गुणवत्ता अवश्य देखनी चाहिए। यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है, तो इसकी शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी अथवा खाद्य विभाग में की जा सकती है।
सुरक्षित भोजन के लिए नियमों का पालन जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम केवल कानूनी औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। इसलिए जिले में संचालित सभी खाद्य व्यवसायों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए वैध पंजीयन या लाइसेंस प्राप्त करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
अस्वीकरण: यह समाचार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों एवं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कानूनी जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष प्रतिष्ठान के विरुद्ध अंतिम कार्रवाई संबंधित विभाग एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा की गई जांच पर निर्भर करेगी।
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