भोपाल, 30 जून 2026 | SMP24NEWS.COM
मध्यप्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों और सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर नया आदेश जारी किया है। इस बार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल रिक्त पद दिखाई देने भर से अतिथि शिक्षक नहीं रखे जाएंगे, बल्कि विद्यालय में वास्तविक आवश्यकता होने पर ही भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 30 जून 2026 को जारी आदेश में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों और शासकीय विद्यालयों के शाला प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने की पूरी प्रक्रिया GFMS और Education Portal 3.0 के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाएगी।
सिर्फ रिक्त पद नहीं, जरूरत का भी होगा आकलन
संचालनालय ने अपने आदेश में कहा है कि कई बार विद्यालयों में केवल पोर्टल पर रिक्त पद दिखाई देने के आधार पर अतिथि शिक्षक रख लिए जाते थे, जबकि वास्तविक आवश्यकता नहीं होती थी। अब ऐसा नहीं होगा। विद्यालय के शाला प्रभारी को पहले यह देखना होगा कि स्कूल में कितने सेक्शन संचालित हैं, कितने नियमित शिक्षक उपलब्ध हैं, उनका टाइम-टेबल क्या है और कुल कितने पीरियड पढ़ाए जा रहे हैं। इन सभी तथ्यों के आधार पर यदि वास्तव में अतिरिक्त शिक्षक की आवश्यकता होगी, तभी पोर्टल पर रिक्ति का सत्यापन किया जाएगा।

नियमित शिक्षकों के पीरियड भी होंगे जांच का आधार
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक नियमित शिक्षक से न्यूनतम 4 और अधिकतम 6 कालखंड (पीरियड) में अध्यापन अपेक्षित है। यदि उपलब्ध नियमित शिक्षक निर्धारित समयसारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन कर सकते हैं, तो केवल रिक्त पद होने के आधार पर अतिथि शिक्षक नहीं बुलाए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां वास्तव में जरूरत है, वहीं अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हो।
कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों पर भी विभाग की नजर
लोक शिक्षण संचालनालय ने यह भी माना है कि कुछ विद्यालयों में अलग से लैब उपलब्ध नहीं है या विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है, इसके बावजूद वहां अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाती थी। अब ऐसे मामलों में भी वास्तविक आवश्यकता का परीक्षण किया जाएगा। यदि स्कूल में शिक्षक की जरूरत उचित नहीं पाई गई तो रिक्ति का सत्यापन नहीं होगा।
लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म रिक्तियों के लिए अलग व्यवस्था
आदेश में लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म रिक्तियों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
लॉन्ग टर्म रिक्तियां उन मामलों में होंगी जहां नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसी रिक्तियों का सत्यापन विद्यालय के शाला प्रभारी करेंगे।
वहीं शॉर्ट टर्म रिक्तियां उन परिस्थितियों में मानी जाएंगी जब कोई नियमित शिक्षक अवकाश, प्रशिक्षण या अन्य कारणों से अस्थायी रूप से अनुपस्थित होगा। ऐसी रिक्तियां संकुल प्राचार्य पोर्टल पर दर्ज करेंगे और उनका सत्यापन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने की पूरी प्रक्रिया GFMS Portal तथा Education Portal 3.0 के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक नियुक्तियों पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
अतिथि शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश?
प्रदेश में हर वर्ष हजारों अभ्यर्थी अतिथि शिक्षक बनने के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे में यह आदेश तय करेगा कि किस विद्यालय में वास्तव में अतिथि शिक्षक की आवश्यकता है और किस विद्यालय में नहीं।इसका सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो आगामी शैक्षणिक सत्र में अतिथि शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं। जिन विद्यालयों में वास्तविक आवश्यकता होगी, वहीं रिक्तियां प्रदर्शित होंगी।
निष्कर्ष
लोक शिक्षण संचालनालय का यह आदेश शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आवश्यकता आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब विद्यालयों को केवल रिक्त पदों के आधार पर नहीं बल्कि वास्तविक शैक्षणिक आवश्यकता के आधार पर अतिथि शिक्षक बुलाने होंगे। इससे अनावश्यक नियुक्तियों पर रोक लग सकती है और जरूरतमंद विद्यालयों को प्राथमिकता मिल सकेगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या सभी रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक रखे जाएंगे?
उत्तर: नहीं। केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही रिक्तियों का सत्यापन किया जाएगा।
Q2. प्रक्रिया किस पोर्टल के माध्यम से होगी?
उत्तर: GFMS Portal और Education Portal 3.0 के माध्यम से।
Q3. लॉन्ग टर्म रिक्तियों का सत्यापन कौन करेगा?
उत्तर: संबंधित विद्यालय का शाला प्रभारी।
Q4. शॉर्ट टर्म रिक्तियों का सत्यापन कौन करेगा?
उत्तर: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)।
Q5. आदेश कब जारी हुआ?
उत्तर: 30 जून 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा।
अस्वीकरण: यह समाचार 30 जून 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के आधार पर तैयार किया गया है। यदि विभाग भविष्य में इस संबंध में कोई नया आदेश या संशोधन जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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